पीलीभीत मंडी में किसानों की परेशानी बढ़ी, सरकारी रेट के बावजूद कम दाम में बिक रहा गेहूं, अनियमितताओं के आरोप

(ब्यूरो चीफ लुकमान खान) दैनिक वेलकम इंडिया
पीलीभीत। जिले की अनाज मंडी में इन दिनों गेहूं खरीद को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन भानू और मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष भजनलाल क्रोधी ने मंडी का निरीक्षण करने के बाद व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि किसानों को सरकारी सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है और कई जगहों पर उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
भजनलाल क्रोधी के अनुसार सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य 2600 रुपये प्रति कुंतल बताया जा रहा है, लेकिन मंडी में कई किसान इससे कम दाम पर गेहूं बेचने को मजबूर हैं।उनका आरोप है कि कुछ खरीद केंद्र ठीक से काम नहीं कर रहे, जिससे किसानों को निजी व्यापारियों के पास जाना पड़ रहा है।उन्होंने यह भी कहा कि कुछ स्थानों पर किसानों से अतिरिक्त रकम मांगे जाने और नमी या अन्य कारणों का हवाला देकर खरीद टालने की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे हालात में किसान जल्दी बिक्री के लिए कम दाम स्वीकार कर रहे हैं।
मंडी में काम करने वाले मजदूरों को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई और कहा कि तुलाई व उठान से जुड़े मजदूरों को भी उचित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।इटोरिया गांव के किसान रमेश सिंह ने बताया कि उन्हें अपना गेहूं लगभग 2335 रुपये प्रति कुंतल के भाव पर बेचना पड़ा, जबकि सरकारी दर अधिक है। उनका कहना है कि कई अन्य किसानों को भी इसी तरह कम कीमत पर बिक्री करनी पड़ रही है।भजनलाल क्रोधी ने



