ग़ाज़ियाबाद

कनावनी झुग्गी बस्ती में भीषण आग, 22 दमकल गाडिय़ों ने पाया आग पर काबू 

-दोपहर में लगी विकराल आग ने पूरी बस्ती को लिया चपेट में 

गाजियाबाद। इंदिरापुरम थाना क्षेत्र स्थित कनावनी गांव में गुरुवार दोपहर झुग्गी-झोपडिय़ों की बड़ी बस्ती में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार 16 अप्रैल 2026 को दोपहर 12 बजकर 17 मिनट पर फायर स्टेशन वैशाली कंट्रोल रूम को आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही वैशाली, साहिबाबाद और कोतवाली फायर स्टेशनों से दमकल वाहन तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किए गए। आग अस्थायी टीन शेड से बनी झुग्गियों में तेजी से फैल चुकी थी और देखते ही देखते पूरी बस्ती इसकी चपेट में आ गई। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दूर-दूर तक धुएं का विशाल गुबार दिखाई देने लगा, जबकि झोपडिय़ों में रखे घरेलू गैस सिलेंडरों में लगातार विस्फोट होते रहे। मुख्य अग्निशमन अधिकारी के निर्देश पर मोदीनगर और लोनी फायर स्टेशन से भी अतिरिक्त दमकल वाहन भेजे गए तथा पड़ोसी जनपद गौतमबुद्ध नगर से सहायता मांगी गई। घटनास्थल पर पहुंची फायर सर्विस यूनिट्स ने चारों दिशाओं से पानी की बौछार शुरू कर आग बुझाने का अभियान चलाया। गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर के विभिन्न फायर स्टेशनों से पहुंचे कुल 22 फायर टेंडरों, नगर निगम के हाई प्रेशर वाटर टैंकरों तथा टाटा स्टील साहिबाबाद और नॉर्थ इंडिया मॉल से पहुंचे अतिरिक्त दमकल वाहनों की मदद से लगभग दोपहर 2 बजे आग पर नियंत्रण पा लिया गया। इसके बाद गिरे हुए ढांचों के नीचे सुलग रही आग को बुझाने और अत्यधिक गर्म स्थानों की कूलिंग का कार्य शुरू किया गया। अग्निशमन विभाग, पुलिस, सिविल डिफेंस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमों ने लगातार सर्च और रेस्क्यू अभियान चलाया, जिससे किसी व्यक्ति के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं मिली। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी गाजियाबाद, पुलिस उपायुक्त ट्रांस हिंडन क्षेत्र, उपजिलाधिकारी सदर, सहायक पुलिस आयुक्त इंदिरापुरम सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल के नेतृत्व में फायर सर्विस टीम ने साहस और समन्वय का परिचय देते हुए तेजी से कार्रवाई की, जिसकी स्थानीय प्रशासन और नागरिकों ने सराहना की। अधिकारियों के अनुसार लगभग 125 से अधिक झुग्गी-झोपडिय़ां, स्क्रैप के गोदाम तथा एक डॉग शेल्टर आग में जलकर नष्ट हो गए हैं। नुकसान के सही आकलन के लिए संबंधित विभागों द्वारा सर्वेक्षण कराया जा रहा है। शाम करीब 4 बजे आग को पूरी तरह बुझा दिया गया, हालांकि घटनास्थल की गर्मी कम करने के लिए कूलिंग कार्य देर शाम तक जारी रहा। आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है और मामले की जांच जारी है। अग्निशमन विभाग की तत्परता और समन्वित प्रयासों ने संभावित बड़ी जनहानि को टालते हुए एक बड़े हादसे को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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