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मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक, योजनाओं की गहन समीक्षा-घर ले जाने वाले पोषण आहार वितरण और सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों को मजबूत बनाने के निर्देश

गाजियाबाद। जनपद को कुपोषण मुक्त बनाने तथा बच्चों एवं माताओं के स्वास्थ्य स्तर में सुधार के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने पोषण योजनाओं की निगरानी तेज कर दी है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ के निर्देश पर मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ की अध्यक्षता में ऑनलाइन माध्यम से जिला पोषण समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी शशि वार्ष्णेय ने विभागीय योजनाओं की प्रगति से अवगत कराते हुए बताया कि जनपद में पंजीकृत कुल 1,23,733 बच्चों के सापेक्ष 1,22,697 बच्चों का वजन किया जा चुका है, जो 98.93 प्रतिशत उपलब्धि को दर्शाता है। गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की प्रगति भी संतोषजनक पाई गई। मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ ने निर्देश दिए कि सभी बच्चों का शत-प्रतिशत वजन लिया जाना सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक गर्भवती महिला की नियमित स्वास्थ्य जांच कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पोषण निगरानी अनुप्रयोग में भरे जा रहे विवरणों की समय-समय पर जांच की जाए ताकि योजनाओं की वास्तविक प्रगति सुनिश्चित हो सके।
घर ले जाने वाले पोषण आहार योजना की समीक्षा करते हुए बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही से नई विधि के अनुसार मासिक पोषण आहार की आपूर्ति शुरू की जा रही है। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि आहार प्राप्त होते ही पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध वितरण सुनिश्चित किया जाए। गर्म पका भोजन योजना के अंतर्गत जनपद के 1371 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 1139 केंद्रों पर बच्चों को गर्म भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शेष केंद्रों पर भी योजना का पूर्ण संचालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर सामुदायिक गतिविधियों को प्रभावी रूप से आयोजित करने पर जोर दिया गया। बैठक में गंभीर तीव्र कुपोषित एवं मध्यम कुपोषित बच्चों की स्थिति की समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि जनपद में 367 गंभीर कुपोषित बच्चे तथा 3232 मध्यम कुपोषित बच्चे चिन्हित हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिया कि गंभीर कुपोषित बच्चों को जनपद स्तरीय अधिकारी गोद लेकर उनकी नियमित निगरानी करें, जिससे उनके स्वास्थ्य में शीघ्र सुधार लाया जा सके।
सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों की समीक्षा करते हुए समस्त खंड विकास अधिकारियों को निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कर उपयोग प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं बाल विकास परियोजना अधिकारियों को प्रत्येक सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर दीवार चित्रांकन, पोषण वाटिका तथा वर्षा जल संचयन प्रणाली की भू-स्थानांकित फोटो उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि पोषण योजनाएं केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान हैं। बच्चों और माताओं का बेहतर स्वास्थ्य ही स्वस्थ समाज की आधारशिला है, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करें। जिला प्रशासन की सक्रिय निगरानी और योजनाबद्ध प्रयासों से गाजियाबाद में कुपोषण के खिलाफ अभियान को गति मिल रही है, जिससे आने वाले समय में जनपद को कुपोषण मुक्त बनाने का लक्ष्य साकार किया जा सके।

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