ग़ाज़ियाबाद

शराब-गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, बिहार भेजी जा रही थी हरियाणा मार्क शराब-किराये के फ्लैट से चलता था तस्करी नेटवर्क, तीन आरोपी गिरफ्तार

मोदीनगर। निवाड़ी थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय शराब और गांजा तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मंगलवार को तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 94 शराब की बोतलें तथा 740 ग्राम गांजा बरामद किया है। गिरोह हरियाणा से सस्ती शराब खरीदकर ट्रेन के माध्यम से बिहार भेजता था और वहां से गांजा मंगाकर जिले में उसकी बिक्री करता था।
सहायक पुलिस आयुक्त मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित बिहार के पटना जनपद के थाना मोकामा क्षेत्र निवासी हिमांशु, अनमोल और मनीष हैं। पूछताछ में सामने आया कि हिमांशु का एक मित्र पूर्व में मोदीनगर में बीटेक की पढ़ाई कर रहा था, जिसके माध्यम से वह यहां आया और इलाके की भौगोलिक स्थिति की जानकारी प्राप्त की। इसके बाद तीनों ने मिलकर शराब तस्करी का नेटवर्क तैयार किया। आरोपितों ने दिल्ली-मेरठ मार्ग स्थित कनन ग्रीन्स सोसायटी में किराये पर फ्लैट लिया और हरियाणा के मुरथल क्षेत्र से कार द्वारा शराब खरीदकर यहां इक_ा करना शुरू किया। शराब की बोतलों को कागज में लपेटकर डिब्बों में पैक किया जाता था और दिल्ली रेलवे स्टेशन से ट्रेन के जरिए बिहार भेजा जाता था। 13 मई को भी आरोपितों द्वारा दो पेटी शराब बिहार भेजी गई थी।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित बिहार से गांजा मंगवाते थे। गांजे की छोटी-छोटी पुडिय़ा बनाकर जिले में अलग-अलग स्थानों पर बेच दी जाती थी और उससे प्राप्त रकम से फिर शराब खरीदी जाती थी। बिहार तक शराब पहुंचाने और वहां से गांजा लाने के लिए गिरोह ने ट्रेन में एक अन्य व्यक्ति को माध्यम बनाया हुआ था, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि उत्तर प्रदेश और दिल्ली की तुलना में हरियाणा में शराब सस्ती होने के कारण उन्होंने वहीं से शराब खरीदना शुरू किया। वे दुहाई स्थित ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से मुरथल पहुंचते और शराब लाकर रात में फ्लैट पर पैकिंग करते थे। महंगी शराब स्वयं उपयोग के लिए रखी जाती थी जबकि सस्ती शराब बिहार भेजी जाती थी। मामले में सुरक्षा और चेकिंग व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं। आरोपित हरियाणा से शराब लेकर गाजियाबाद होते हुए दिल्ली तक आते रहे, लेकिन रास्ते में कहीं भी वाहन जांच नहीं हुई। रेलवे स्टेशन पर भी सामान की जांच न होने से तस्करी आसानी से जारी रही। पुलिस का कहना है कि आरोपितों से पूछताछ में गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों के नाम सामने आए हैं, जिन्हें ट्रेस कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस के अनुसार बिहार में कई अवैध शराब खरीदारों से नकद लेनदेन किया जाता था। शराब पहुंचाने वाला व्यक्ति ही रकम लेकर लौटता था। फिलहाल पुलिस गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगालते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

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