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माता के मठ को क्षतिग्रस्त कर कब्जे का आरोप

बुलंदशहर.खानपुर कस्बे में स्थित प्राचीन माता मठ की भूमि को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। 9 अप्रैल 2026 को हुई एक घटना के बाद क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण बताया जा रहा है। स्थानीय निवासी आदित्य वर्मा ने थाना अध्यक्ष खानपुर को लिखित ज्ञापन सौंपकर मठ की भूमि पर अवैध कब्जा करने तथा धार्मिक स्थल को क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया है।
ज्ञापन के अनुसार, कस्बे में स्थित माता का मठ वर्षों पुराना धार्मिक स्थल है, जहां स्थानीय लोग नियमित रूप से पूजा-अर्चना करते हैं। आरोप है कि 9 अप्रैल को कुछ लोगों द्वारा जेसीबी मशीन से खुदाई की गई, जिससे मठ की भूमि को नुकसान पहुंचा। शिकायत में यह भी कहा गया है कि खुदाई के दौरान धार्मिक स्थल की मर्यादा का ध्यान नहीं रखा गया, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। घटना के बाद से स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है और क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्रार्थी ने अपने ज्ञापन में नगर पंचायत अध्यक्ष इमरान कुरैशी की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मठ स्थल पर निर्माण कार्य कराने का प्रयास किया गया। हालांकि, इस संबंध में अभी तक प्रशासनिक स्तर पर किसी भी पक्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने पूर्व में भी संबंधित अधिकारियों को इस विषय में अवगत कराया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब एक बार फिर पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है, हालांकि प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इस मामले में अधिशासी अधिकारी मनोज कुमार ने स्पष्ट किया कि जेसीबी से नाले की साफ-सफाई का कार्य कराया जा रहा था। उनके अनुसार, जेसीबी चालक द्वारा मशीन को मठ के ऊपर से ले जाना त्रुटिपूर्ण था। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि मठ को किसी प्रकार की क्षति हुई है तो उसे ठीक कराया जाएगा।
उपजिलाधिकारी स्याना रविंद्र प्रताप सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरे प्रकरण का निरीक्षण किया। उन्होंने दोनों पक्षों से अलग-अलग वार्ता कर स्थिति की जानकारी ली और आपसी संवाद के माध्यम से समाधान निकालने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि मठ परिसर को किसी प्रकार की क्षति पहुंची है तो उसकी शीघ्र मरम्मत कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वहीं क्षेत्राधिकारी स्याना रामकरण भी मौके पर पहुंचे और पुलिस बल को क्षेत्र में सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शांति व्यवस्था कायम रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।स्थानीय लोगों की नजर अब पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि समय रहते स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो विवाद के और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर निष्पक्ष जांच और संवाद के माध्यम से समाधान निकालना फिलहाल सबसे बड़ी आवश्यकता मानी जा रही है।

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