महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य सेवाओं पर सख्त नजर: अपर्णा यादव ने किया विभिन्न संस्थानों एवं कार्यक्रमों का निरीक्षण-वन स्टॉप सेंटर में लंबित मामलों पर नाराजगी, समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश-अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और उपचार व्यवस्था सुधारने पर प्रशासन को सख्त चेतावनी

गाजियाबाद। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने शुक्रवार को जनपद गाजियाबाद के विभिन्न संस्थानों एवं कार्यक्रमों का निरीक्षण करते हुए महिला एवं बाल कल्याण से जुड़े व्यवस्थागत पहलुओं की समीक्षा की। भ्रमण के दौरान उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य संस्थानों और महिला सहायता केंद्रों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अपने दौरे की शुरुआत करते हुए मा0 उपाध्यक्ष ने करहेड़ा स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित गोद भराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज की नींव स्वस्थ महिला से ही मजबूत होती है। उन्होंने गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषणयुक्त आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद सेक्टर-23 स्थित जिला संयुक्त चिकित्सालय में आयोजित कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम में मा0 उपाध्यक्ष ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान 10 नवजात कन्याओं का जन्मोत्सव केक काटकर मनाया गया। उन्होंने नवजात शिशुओं के परिवारों को शुभकामनाएं देते हुए बेबी किट एवं मिठाई वितरित की और बेटियों के सम्मान एवं संरक्षण का संदेश दिया।
निरीक्षण क्रम में उन्होंने वन स्टॉप सेंटर यूनिट-01 का भी दौरा किया, जहां महिलाओं से संबंधित प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा की गई। मा0 उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी मामलों का निस्तारण समयबद्ध, संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए ताकि पीडि़त महिलाओं को त्वरित न्याय एवं सहायता मिल सके। दौरे के अंतिम चरण में मा0 उपाध्यक्ष ने जिला महिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं नवजात शिशुओं के परिजनों से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा बेबी किट का वितरण किया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को समुचित उपचार, स्वच्छ वातावरण और बेहतर देखभाल उपलब्ध कराई जाए। साथ ही जांच एवं इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती शशी वार्ष्णेय, विधि सह-परिविक्षा अधिकारी लोकेन्द्र सिंह तथा उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी नीरज सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



