पीएम सूर्यघर योजना में लापरवाही पर सीडीओ का कड़ा एक्शन-पेंडिंग लोन फाइलों के तुरंत निस्तारण के आदेश, बैंकों की जवाबदेही तय

गाजियाबाद। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत अपेक्षित प्रगति न होने पर जनपद में प्रशासनिक सख्ती देखने को मिली। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल की अध्यक्षता में बुधवार को विकास भवन स्थित दुर्गावती देवी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में योजना की धीमी गति पर गहरी नाराजगी जताई गई। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए पाया गया कि लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं हो पा रही है, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि योजना के तहत बैंकों द्वारा दिए जाने वाले ऋण से संबंधित कई फाइलें लंबित हैं, जिसके कारण लाभार्थियों को समय पर योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए एलडीएम को विशेष निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेंडिंग फाइलों के कारण योजना की गति प्रभावित नहीं होनी चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागवार नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जानकारी भी दी गई। इस क्रम में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा भवन नक्शों में सौर पैनल स्थापना का प्रावधान लागू किए जाने की पहल की सराहना की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने जीडीए के नोडल अधिकारियों से अब तक स्थापित सौर पैनलों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और इस दिशा में और तेजी लाने के निर्देश दिए। नगर निगम गाजियाबाद की भूमिका को भी बैठक में अहम बताया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि कूड़ा संग्रहण वाहनों के माध्यम से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग योजना के प्रति जागरूक हो सकें। इसके साथ ही पार्षदों को भी योजना से जोड़ते हुए उनके आवासों पर सौर पैनल स्थापना के लिए प्रेरित करने को कहा गया, जिससे समाज में सकारात्मक संदेश जाए और आमजन भी इससे प्रेरित हों।
मुख्य विकास अधिकारी ने नगर निगम, ब्लॉक विकास अधिकारियों, अधिशासी अधिकारियों और अन्य संबंधित विभागों के नोडल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों से संपर्क स्थापित करें और उन्हें योजना के महत्व से अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से योजना का लाभ अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
इसके अलावा अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि वे अपने क्षेत्र में पात्र लाभार्थियों की पहचान करें और उन्हें योजना से जोडऩे के लिए सक्रिय प्रयास करें। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल लक्ष्य पूरा करना नहीं, बल्कि अधिक से अधिक घरों तक सौर ऊर्जा पहुंचाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए आवश्यक है कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और लोगों को इसके लाभों के बारे में जागरूक किया जाए। बैठक में यह भी जोर दिया गया कि सभी संबंधित अधिकारी नियमित रूप से योजना की प्रगति की समीक्षा करें और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें। मुख्य विकास अधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में नेडा गाजियाबाद के परियोजना अधिकारी श्री अंशुल चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इसके साथ ही नगर निगम गाजियाबाद और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के नामित नोडल अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। जिला कृषि अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी समेत अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया। बैठक के अंत में मुख्य विकास अधिकारी ने दोहराया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य आम जनता को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना है। ऐसे में सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ इस योजना को सफल बनाने में अपना योगदान दें, ताकि जिले में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिल सके और अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।



