डी. फार्म विद्यार्थियों को गंगाजल जल शोधन संयंत्र में मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण-जल गुणवत्ता, जनस्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण की समझ हुई मजबूत

गाजियाबाद। डासना स्थित स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज, एसडीजीआई ग्लोबल यूनिवर्सिटी द्वारा डिप्लोमा इन फार्मेसी के विद्यार्थियों के लिए मंगलवार को उत्तर प्रदेश जल निगम, प्रताप विहार स्थित गंगाजल जल शोधन संयंत्र का शैक्षिक एवं ज्ञानवर्धक भ्रमण आयोजित किया गया। यह भ्रमण विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा, जिसका उद्देश्य सैद्धांतिक शिक्षा को व्यावहारिक अनुभव से जोडऩा तथा जल शोधन, जनस्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी समझ को विकसित करना था। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को जल शोधन की विभिन्न वैज्ञानिक प्रक्रियाओं को प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने का अवसर मिला। फार्मास्यूटिकल शिक्षा में जल की गुणवत्ता का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इसका सीधा संबंध मानव स्वास्थ्य से जुड़ा होता है। इस शैक्षिक यात्रा ने विद्यार्थियों को यह समझने में मदद की कि किस प्रकार वैज्ञानिक तकनीकों और आधुनिक व्यवस्थाओं के माध्यम से कच्चे जल को सुरक्षित पेयजल में परिवर्तित किया जाता है। कार्यक्रम का आयोजन स्कूल की निदेशक प्रोफेसर डॉ. शालिनी शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। उनके नेतृत्व में अनुभवात्मक शिक्षण को बढ़ावा देते हुए विद्यार्थियों को वास्तविक औद्योगिक प्रक्रियाओं से परिचित कराया गया। भ्रमण के दौरान सुश्री नेहा रावत एवं सुश्री निशु गौतम ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें तकनीकी जानकारी समझने में सहयोग प्रदान किया। जल शोधन संयंत्र पहुंचने पर विद्यार्थियों का स्वागत किया गया, जहां संयंत्र के इंजीनियर तनवीर तथा प्लांट प्रभारी एनैनुएल राणा ने पूरे भ्रमण का संचालन किया। उन्होंने कोएगुलेशन, फ्लोकुलेशन, अवसादन, निस्यंदन तथा कीटाणुशोधन जैसी प्रमुख प्रक्रियाओं को सरल भाषा में समझाया। विद्यार्थियों ने देखा कि किस प्रकार जल में मौजूद अशुद्धियां, निलंबित कण और हानिकारक सूक्ष्मजीव विभिन्न चरणों के माध्यम से हटाए जाते हैं। फिटकरी के उपयोग से सह-अपघटन और क्लोरीन द्वारा कीटाणुशोधन की प्रक्रिया ने विद्यार्थियों की व्यावहारिक समझ को और मजबूत किया। भ्रमण के दौरान जल गुणवत्ता नियंत्रण और सुरक्षा मानकों के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों के साथ संवादात्मक सत्र में विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासाओं के समाधान प्राप्त किए, जिससे उनके ज्ञान, आत्मविश्वास और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास हुआ। विश्वविद्यालय प्रबंधन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम को सफल बनाने में कुलाधिपति महेंद्र अग्रवाल, उपाध्यक्ष अखिल अग्रवाल, प्रो-चांसलर नितिन अग्रवाल, प्रो-चांसलर प्रशासन पीयूष श्रीवास्तव, प्रो-चांसलर शैक्षणिक विमल कुमार शर्मा, कुलपति प्रोफेसर डॉ. प्रसेनजीत कुमार तथा कुलसचिव राजीव रतन के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संकाय सदस्यों के सहयोग से संपन्न यह शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक अनुभव साबित हुआ। इस पहल ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक समझ को गहराई देने के साथ-साथ उन्हें पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी इस प्रकार की अनुभवात्मक शैक्षिक गतिविधियों को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।




