गोवर्धन में गूंजा सांस्कृतिक एकता का संदेश, विराट हिंदू सम्मेलन में समाज जागरण का आह्वान

मथुरा/गोवर्धन। धार्मिक नगरी गोवर्धन में बुधवार को आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक एकजुटता और पारंपरिक मूल्यों के संरक्षण का प्रभावी मंच बनकर उभरा। सम्मेलन में वक्ताओं ने समाज को संगठित रहने, अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने और जागरूक नागरिक समाज के निर्माण का संदेश दिया। कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न वर्गों के लोगों की उल्लेखनीय भागीदारी रही।
सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि आयुर्वेदाचार्य डॉ. तन्मय गोस्वामी, संघ के जिला प्रचारक कुश चाहर, भजन गायक विचित्र, सम्मेलन संयोजक व ‘अपना घर’ के सचिव केशव मुखिया, डॉ. भावना गोस्वामी तथा श्याम सुंदर उपाध्याय ने दीप प्रज्वलन कर किया। मंच संचालन त्रिलोकी नाथ शर्मा ने किया।
सम्मेलन संयोजक केशव मुखिया ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में समाज को संगठित, जागरूक और संस्कारित बनाने की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। उन्होंने सामाजिक समरसता को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया।
मुख्य अतिथि डॉ. तन्मय गोस्वामी ने भारतीय संस्कृति को विश्व के लिए जीवन मूल्यों, सहिष्णुता और संतुलित जीवनशैली का मार्गदर्शक बताते हुए लोगों से अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने का आह्वान किया।
वक्ता श्याम कौशिक ने धर्म और इतिहास से जुड़े प्रसंगों का उल्लेख करते हुए गुरु गोविंद सिंह एवं गुरु तेग बहादुर के त्याग और साहस को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। अन्य वक्ताओं ने भी सांस्कृतिक संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और नैतिक मूल्यों पर आधारित समाज की आवश्यकता पर जोर दिया।
सम्मेलन के दौरान श्रोताओं में विशेष उत्साह देखा गया। कार्यक्रम में श्याम सुंदर उपाध्याय, ज्ञानेंद्र राणा, संजीव लालाजी, लछमन ठाकुर, अमित प्रताप सिंह, विजेंद्र शर्मा, प्रीतम, अमित, डॉ. अनिल गोस्वामी, राकेश शर्मा, बबलू शर्मा, बालकृष्ण अग्रवाल, घनश्याम अग्रवाल, बिहारी चकाचक, सुदीप भट्ट, महादेव शर्मा, ठाकुर फतेह सिंह, विनय उपाध्याय, आकाश खंडेलवाल, डॉ. विष्णु रावत, विकास दादा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



