शहर-राज्य

जिला कारागार में तीन दिवसीय सत्संग कार्यक्रम का भव्य समापन

असदुल्लाह सिद्दीकी

सिद्धार्थनगर। जिला कारागार सिद्धार्थनगर में संत ज्ञानेश्वर स्वामी सदानंद परमहंस, सदानंद तत्वज्ञान परमेश्वर भगवद्धाम आश्रम के तत्वाधान में आयोजित तीन दिवसीय सत्संग कार्यक्रम का आज भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर कारागार परिसर भक्ति, कीर्तन, प्रवचन एवं आत्मचिंतन की मधुर ध्वनियों से गुंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम के मुख्य प्रवचनकार आचार्य रोहित शुक्ला ने अपने समापन प्रवचन में कहा कि “ईश्वर प्रत्येक हृदय में विद्यमान है, आवश्यकता केवल उसे पहचानने की है। जब मनुष्य अपने भीतर की भक्ति को जागृत करता है, तो उसके सभी बंधन स्वतः समाप्त हो जाते हैं।” उन्होंने बंदियों को सदाचार, करुणा, क्षमा एवं भक्ति को जीवन में अपनाने का संदेश देते हुए कहा कि सच्ची स्वतंत्रता बाहरी परिस्थितियों में नहीं, बल्कि मन की शांति में निहित होती है।
तीन दिवसीय इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में महात्मा नरसिंह, रामदास, सचिन, नेपाल सिंह, कमला प्रसाद तथा वेदांश का पावन सान्निध्य एवं आशीर्वचन प्राप्त हुआ। सभी संतजनों ने भक्ति, साधना एवं आत्मविकास के विविध आयामों पर प्रकाश डालते हुए बंदियों को आंतरिक रूप से सशक्त बनने की प्रेरणा दी।
विशेष रूप से महिला बैरक में आयोजित सत्संग कार्यक्रम में सत् महिमा, सत् सुनीता, सत् रमा एवं सत् नीलम द्वारा भक्ति, कीर्तन एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया, जिससे महिला बंदियों को आत्मिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त हुई।
कार्यक्रम के दौरान बंदियों ने अत्यंत उत्साह एवं श्रद्धा के साथ भाग लिया। भजन, कीर्तन, ध्यान एवं सामूहिक प्रार्थना के माध्यम से उन्होंने आत्मिक शांति का अनुभव किया। “भज मन राम चरन सुखदाई” एवं “राम नाम की महिमा अपरम्पार” जैसे भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक श्री सचिन वर्मा ने कहा कि “सत्संग जैसी आध्यात्मिक गतिविधियाँ बंदियों के मानसिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक पुनर्वास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से बंदियों में आत्मविश्वास, अनुशासन एवं सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास होता है।” उन्होंने यह भी कहा कि आचार्य रोहित शुक्ला के प्रेरक प्रवचन बंदियों के जीवन में स्थायी परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होंगे।
कार्यक्रम में जेलर रामसिंह यादव, डिप्टी जेलर श मुकेश प्रकाश, डिप्टी जेलर अजीत चंद, प्रभारी अभिषेक कुमार पाण्डेय, शिक्षक उत्सव तिवारी सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं बंदीगण उपस्थित रहे। सभी ने संयुक्त रूप से आचार्य जी एवं संतजनों का स्वागत कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम के अंतिम दिन दीप प्रज्ज्वलन एवं सामूहिक आरती के साथ सत्संग का समापन किया गया। तत्पश्चात सभी बंदियों को प्रसाद वितरण किया गया तथा आश्रम के सहयोग से भक्ति ग्रंथों का वितरण भी किया गया।
पूरे कार्यक्रम के दौरान कारागार परिसर आध्यात्मिकता एवं भक्ति रस से ओत-प्रोत रहा।
जेल अधीक्षक सचिन वर्मा ने आश्रम परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, जो बंदियों के जीवन में नई ऊर्जा, आशा एवं आत्मबल का संचार करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button