85 पव्वा देशी शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार, संयुक्त कार्रवाई रंग लाई-लाइसेंसी दुकानों की भी निगरानी तेज, अवैध बिक्री पर जीरो टॉलरेंस नीति

एनसीआर। होली पर्व को लेकर जिले में जहां एक ओर उत्साह और उमंग का माहौल है, वहीं दूसरी ओर आबकारी विभाग अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह से शिकंजा कसने में जुटा है। त्योहारों के दौरान सक्रिय होने वाले शराब माफियाओं की इस बार जिले में एक नहीं चल पा रही है। बाहरी राज्यों से अवैध शराब की तस्करी करने वाले गिरोह न तो जिले में प्रवेश कर पा रहे हैं और न ही यहां से होकर किसी अन्य क्षेत्र में सप्लाई की हिम्मत जुटा पा रहे हैं। इसका श्रेय जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव की सख्त कार्यशैली और स्पष्ट रणनीति को दिया जा रहा है। जिला आबकारी अधिकारी ने पदभार संभालने के बाद से ही यह स्पष्ट कर दिया था कि अवैध शराब के कारोबार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार चेकिंग, संदिग्ध वाहनों की तलाशी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर विभाग ने अवैध सप्लाई चैन को तोडऩे में सफलता हासिल की है। होली जैसे संवेदनशील पर्व को देखते हुए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत जिले के प्रमुख मार्गों और सीमाओं पर सघन निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को आबकारी निरीक्षक नामवर सिंह और थाना दनकौर पुलिस की संयुक्त टीम ने चेकिंग के दौरान एक तस्कर को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपी की पहचान रिंकू पुत्र ब्रह्मचंद के रूप में हुई है। उसके कब्जे से 85 पव्वा ‘मिस इंडिया ब्रांड देशी शराब उत्तर प्रदेश मार्का 200 एमएल बरामद की गई। टीम ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि होली के मद्देनजर जिले में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि अवैध शराब की तस्करी रोकने के लिए विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। बाहरी राज्यों से आने वाली हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि लाइसेंसी दुकानों से खरीदी गई शराब को अवैध रूप से अन्य क्षेत्रों में बेचने की कोशिश करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लाइसेंसी दुकानों की भी नियमित जांच की जा रही है। स्टॉक, बिक्री रजिस्टर और बिलिंग प्रक्रिया की गहन समीक्षा की जा रही है, ताकि वैध बिक्री की आड़ में अवैध व्यापार न पनप सके। जरूरत पडऩे पर आकस्मिक निरीक्षण कर मौके पर ही जांच की जाती है। आबकारी विभाग की टीमों की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे दिन और रात दोनों समय गश्त कर रही हैं। संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। विभाग ने थाना पुलिस के साथ समन्वय बढ़ाते हुए संयुक्त अभियान तेज कर दिया है, जिससे तस्करों के लिए कोई भी रास्ता आसान न रह जाए। होली के मौके पर अवैध शराब से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकना भी विभाग की प्राथमिकता में शामिल है। इसी उद्देश्य से लगातार जागरूकता और सख्ती दोनों पर जोर दिया जा रहा है।


