सांसद ने उठाई ईएसआई अस्पताल को एक्सीडेंट एवं ट्रामा सेंटर बनाए जाने की मांग

मोदीनगर,( अनिल वशिष्ठ)। बागपत लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजकुमार सांगवान ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात की। सांसद ने मोदीनगर के ईएसआई अस्पताल को ईएसआईसी एकीकृत अति विशिष्ट एक्सीडेंट एंड ट्रामा सेंटर बनाए जाने कि मांग की। जो कि केंद्रीय निगम द्वारा संचालित हो। केंद्रीय मंत्री ने इसको लेकर सकारात्मक जवाब दिया है। बागपत लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजकुमार सांगवान ने केंद्रीय मंत्री डॉ० मनसुख मांडविया को बताया कि ईएसआईएस अस्पताल, मोदीनगर एक समय फ्लैगशिप अस्पताल हुआ करता था। किन्तु राज्य सरकार द्वारा संचालित होने के कारण इस पर विशेष ध्यान नहीं दिया गया, जिससे इसमें मूलभूत सुविधाएं जैसे कि विशेषज्ञ डॉक्टर, सर्जन, नर्सिंग स्टाफ, टेक्रीशियन, लैबोरेटरी सुविधाएं, रेडियोलॉजी की सुविधाएं, दवाईयों के साथ साथ बिल्डिंग के रख-रखाव में निरंतर कमी आती रही। जिससे आम जन के साथ-साथ बीमित व्यक्तियों एवं उनके आश्रितों का ईएसआई के प्रति भरोसा उठ गया। बीमित व्यक्तियों एवं फैक्ट्री संचालकों/संस्थानों को ईएसआई से होने वाले सभी प्रकार के हितलाभ व सामाजिक सुरक्षा का प्रचार प्रसार मोदीनगर सहित सम्पूर्ण पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नहीं हुआ। ईएसआईद्वारा दिए जाने वाले आर्थिक हितलाभ का दूरस्थ कार्यालय होना एवं देरी से मिलने की स्थिति में बीमित व्यक्तियों एवं उनके आश्रितों को राजधानी दिल्ली करीब होने के कारण स्वास्थ्य हित एवं जीवन रक्षा हेतु पलायन करना पड़ा। इसके अलावा ईएसआई अस्पताल, मोदीनगर में सुविधाओं के अभाव के कारण, सारे मरीजों को पैनल के निजी प्राइवेट अस्पतालों में रेफर किया जाता है एवं रेफरल के माध्यम से प्राइवेट अस्पताल मोटी कमाई करते हैं। उक्त सभी वजहों से ईएसआई अस्पताल, मोदीनगर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बीमित व्यक्तियों में कमी आयी है।
सांसद ने कहा कि मोदीनगर के इस अस्पताल को ईएसआई के आधीन कर ईएसआई सी एकीकृत अति विशिष्ट एक्सीडेंट एंड ट्रॉमा सेंटर” में तब्दील किया जाना, जो कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना कार्ड एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति में दिए जाने वाला आर्थिक सहयोग की धनराशि का उपयोग कर 50 प्रतिशत आम-जन एवं 50 प्रतिशत बीमित व्यक्तियों एवं उनके आश्रितों को चौबिसों घंटे गंभीर देखभाल, सभी आपातकालीन सर्जरी व सभी सम्बंधित जांचें होने वाले अस्पताल का निर्माण निश्चय ही बहुत ही दूरगामी परिणाम देने वाले एवं मील का पत्थर साबित होने वाला कदम होगा। साथ ही इसके संचालन में ई० एस० आई० सी० को अतिरिक्त आर्थिक बोझ का भी सामना नहीं करना पड़ेगा।



