ग़ाज़ियाबाद

भीड़भाड़ वाले स्थलों पर अग्नि सुरक्षा को लेकर सख्ती, कई को नोटिस

गाजियाबाद। कमिश्नरेट गाजियाबाद में भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर अग्नि सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। मॉल, होटल, मैरिज हॉल और बैंक्वेट हॉल जैसे स्थानों पर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए जनमानस की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को व्यापक अग्नि सुरक्षा चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान कई प्रतिष्ठानों में अग्निशमन व्यवस्था में गंभीर खामियां सामने आईं, जिसके बाद संबंधित भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए गए।
अपर पुलिस महानिदेशक अग्निशमन एवं आपात सेवा मुख्यालय लखनऊ के निर्देश पर चल रहे इस विशेष अभियान के तहत बुधवार को गाजियाबाद कमिश्नरेट क्षेत्र में प्रभारी अधिकारियों ने इंदिरापुरम स्थित शाइन प्लाजा और वन मॉल, वसुंधरा स्थित होटल ब्लैक स्टोन और होटल दा डायमंड, लोहनगर स्थित ग्रैंड पीतल बैंक्वेट हॉल, बसंत चौकी मालीवाड़ा स्थित वोल्गा पैलेस, कविनगर स्थित ट्रिनिटी बैंक्वेट हॉल और एनएच-24 पर स्थित एलीगेंट बैंक्वेट हॉल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान इन प्रतिष्ठानों में स्थापित अग्निशमन प्रणालियों का गहन परीक्षण किया गया। जांच में शाइन प्लाजा, वन मॉल, ग्रैंड पीतल बैंक्वेट हॉल, वोल्गा पैलेस, ट्रिनिटी बैंक्वेट हॉल और एलीगेंट बैंक्वेट हॉल में फायर सेफ्टी मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं नहीं पाई गईं। कहीं उपकरण निष्क्रिय मिले तो कहीं आपात निकास मार्ग अवरुद्ध पाए गए। इन सभी खामियों को गंभीर मानते हुए सुधार के निर्देश दिए गए और विधिवत नोटिस जारी किए जा रहे हैं। अग्निशमन प्रणाली की जांच के साथ-साथ मौके पर मौजूद कर्मचारियों को फायर फाइटिंग उपकरणों के संचालन का अल्प प्रशिक्षण भी दिया गया। आग लगने की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, सुरक्षित निकासी और जन-धन की क्षति को कम करने के उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही संबंधित भवनों में विद्युत सुरक्षा व्यवस्था का अनिवार्य रूप से विद्युत ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए गए। जांच टीम ने सभी भवन स्वामियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अग्निशमन प्रणालियों को हर समय ऑटो मोड में कार्यशील अवस्था में रखा जाए और सभी निकास मार्गों को पूरी तरह अवरोध मुक्त रखा जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान के तहत 27 दिसंबर 2025 से 7 जनवरी 2026 तक कुल 42 भवनों की जांच की जा चुकी है। सीएफओ राहुल पाल ने बताया कि अग्नि सुरक्षा से समझौता किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां भी मानकों की अनदेखी पाई जा रही है, वहां तत्काल नोटिस जारी कर सुधार सुनिश्चित कराया जा रहा है और निर्देशों का पालन न करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जनहानि को रोका जा सके और गाजियाबाद को सुरक्षित शहर बनाया जा सके।

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