एसआरएम आईएसटी में फेस-टू-फेस फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का शुभारंभ

वेलकम इंडिया
मोदीनगर ( अनिल वशिष्ठ )। एसआरएम आईएसटी, दिल्ली-एनसीआर कैंपस में एआईसीटीई-अटल प्रायोजित छह दिवसीय “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड एप्लीकेशन्स” विषयक फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का भव्य शुभारंभ एसआरएम इंस्टीट्यूट आॅफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, दिल्ली-एनसीआर कैंपस, गाजिÞयाबाद के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग द्वारा पीटर एफ. ड्रकर हॉल में एआईसीटीई ट्रेनिंग एंड लर्निंग (अटल) अकादमी के फेस-टू-फेस फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का शुभारंभ कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं अनुप्रयोग (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड एप्लीकेशन्स) विषय पर किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रूबी शुक्ला, डायरेक्टर, प्रोग्राम मैनेजमेंट, पब्लिसिस सैपिएंट, नोएडा रहीं। उन्होंने मुख्य भाषण देते हुए वर्तमान डिजिटल प्रणालियों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की वास्तविक दुनिया में उपयोगिता और औद्योगिक अनुप्रयोगों पर अपने अनुभव साझा किए। इस कार्यक्रम की शुरूआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन, वंदना और सरस्वती वंदना के साथ हुई, जो संस्थान की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इसके पश्चात डॉ. अवनीश वशिष्ठ, विभागाध्यक्ष, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग ने सभी गणमान्य अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। प्रोफेसर (डॉ.) धौम्या भट्ट, डीन, आईक्यूएसी और एफडीपी समन्वयक ने छह दिवसीय कार्यक्रम की संरचना और उद्देश्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की और उन्नत तकनीकी विषयों में फैकल्टी कौशल उन्नयन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी बताया कि प्रतिभागियों को विशेषज्ञों द्वारा संचालित व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्रों के साथ-साथ प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी इवैल्यूसर्व सेज प्राइवेट लिमिटेड के औद्योगिक दौरे का भी अवसर प्राप्त होगा। इसके बाद, प्रोफेसर (डॉ.) आर. पी. महापात्रा, डीन, एसआरएम आईएसटी दिल्ली-एनसीआर कैंपस ने संस्थान द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में की जा रही पहलों और शैक्षणिक प्रगति को उजागर किया। सत्र का समापन डॉ. रोली गुप्ता, एफडीपी को-कोआॅर्डिनेटर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने आयोजन समिति, अतिथि वक्ताओं और प्रतिभागियों के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। इस एफडीपी में कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के संकाय सदस्यों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई, जिनमें जामिया हमदर्द (नई दिल्ली), वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय, गलगोटियास विश्वविद्यालय, आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज (ग्रेटर नोएडा), और एमआईईटी (ग्रेटर नोएडा) शामिल हैं। तकनीकी सत्रों के लिए आमंत्रित विशेषज्ञ वक्ता अकादमिक और औद्योगिक क्षेत्रों के प्रतिष्ठित प्रोफेशनल हैं। प्रमुख विशेषज्ञों में शामिल हैं: डॉ. शेली सचदेवा (एनआईटी दिल्ली), डॉ. नन्हे सिंह (एनएसयूटी, ईस्ट कैंपस, दिल्ली), डॉ. विनय कौशिक (आईआईआईटी सोनीपत), डॉ. कपिल आर्य (सीएसआईआर दिल्ली), और विनय कुमार त्रिपाठी (एचसीएल टेक्नोलॉजीज, नोएडा)। इन सत्रों का उद्देश्य प्रतिभागियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के हालिया विकास और व्यावहारिक ज्ञान से परिचित कराना है।



