हाउस टैक्स वृद्धि के खिलाफ गाजियाबाद में उबाल-मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर 3 दिन में फैसला लेने की मांग

गाजियाबाद। हाउस टैक्स में की गई भारी बढ़ोतरी के विरोध में गाजियाबाद में जनाक्रोश खुलकर सामने आया। गृह कर पीडि़त संघर्ष समिति के नेतृत्व में विभिन्न व्यापारी, सामाजिक और आवासीय संगठनों ने मंगलवार को एकजुट होकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी के माध्यम से सौंपा। मौके पर प्रभारी मंत्री असीम अरुण की मौजूदगी में विकास भवन पहुंचकर समिति के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को जोरदार ढंग से रखा। इस दौरान विधायक धर्मेश तोमर, पूर्व राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल, जिला अधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट और मुख्य विकास अधिकारी भी उपस्थित रहे। मंत्री असीम अरुण ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वह इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाकर शीघ्र ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कराने का प्रयास करेंगे और बढ़े हुए हाउस टैक्स को वापस लेने के लिए शासन स्तर पर पहल करेंगे। संघर्ष समिति ने ज्ञापन में स्पष्ट मांग की है कि गाजियाबाद में बढ़ाए गए हाउस टैक्स को तीन कार्य दिवस के भीतर वापस लिया जाए, ताकि आम नागरिकों और व्यापारियों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को कम किया जा सके। समिति का आरोप है कि नगर निगम के इस फैसले से जनता में भारी नाराजगी है और इसका सीधा असर सत्तारूढ़ दल के जनाधार पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि पिछले दस महीनों से हाउस टैक्स पुरानी दरों पर जमा नहीं हो पा रहा है, जबकि इस संबंध में कई बार घोषणाएं की जा चुकी हैं। इस प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, राष्ट्रीय व्यापार मंडल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, संयुक्त व्यापार मंडल, ऑल इंडिया ट्रेडर्स संगठन, साहिबाबाद व्यापार मंडल, औद्योगिक वाणिज्यिक कल्याण संघ, टीम 100, विभिन्न रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन, बिल्डर एसोसिएशन, भारतीय किसान यूनियन (भानू गुट) और (राकेश टिकैत गुट), महानगर कांग्रेस सहित अनेक संगठनों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। समिति के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही हाउस टैक्स वृद्धि को वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि नगर निगम की कार्यशैली से सरकार की छवि को नुकसान पहुंच रहा है और जनता में असंतोष लगातार बढ़ रहा है। प्रदर्शन में तिलकराज अरोड़ा, बालकृष्ण गुप्ता, नरेंद्र गुप्ता, प्रीतम लाल, ओम दत्त गुप्ता, वीरेंद्र गुप्ता, राजीव अग्रवाल, अजय जैन, मास्टर वीरेश सिंह, पंडित अशोक भारतीय सहित सैकड़ों पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।



