ग़ाज़ियाबाद

हाईराइज से अस्पताल तक फायर सेफ्टी अलर्ट, पूरे गाजियाबाद में गूंजी मॉक ड्रिल की सायरन-निकास मार्ग, फायर सिस्टम और विद्युत सुरक्षा का हुआ ऑडिट, खामियां मिलने पर जारी होंगे नोटिस

गाजियाबाद। पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद में चल रहे विशेष अग्नि सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत मंगलवार को शहर के हाईराइज भवनों, अस्पतालों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं आवासीय सोसायटियों में व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अभियान का उद्देश्य नागरिकों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करना तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना रहा। दिनांक 01 मई से शुरू हुआ यह एक सप्ताह का विशेष अभियान लगातार शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को अग्निशमन विभाग की टीमों ने विभिन्न जोन में पहुंचकर आग लगने की काल्पनिक परिस्थितियां तैयार कीं और बचाव एवं राहत कार्यों का अभ्यास कराया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल के नेतृत्व में अधिकारियों ने क्रॉसिंग रिपब्लिक, इंदिरापुरम, साहिबाबाद, लोनी तथा मोदीनगर क्षेत्रों के प्रमुख भवनों और संस्थानों में मॉक ड्रिल कराई। इस दौरान पंचशील वेलिंगटन, लैंडक्राफ्ट सोसाइटी, महागुन मॉस्कट, एसोटेक द नेस्ट, साया गोल्ड एवेन्यू, रायसन आर्मर होम्स, वृंदावन ग्रीन सोसाइटी, पर्ल रेजिडेंसी, बसेरा टाउनशिप, ऑक्सीरिच सोसाइटी सहित कई हाईराइज परिसरों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का परीक्षण किया गया। इसके अलावा एमएमजी अस्पताल, दिल्ली सिग्नेचर हॉस्पिटल, मरियम हॉस्पिटल, मां हॉस्पिटल तथा मोदीनगर क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों में भी फायर रिस्क निरीक्षण किया गया। अग्निशमन विभाग की टीम फायर टेंडरों के साथ मौके पर पहुंची और आपातकालीन निकासी की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया। कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों और स्थानीय निवासियों को अग्निशमन यंत्रों के सही उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया गया। मॉक ड्रिल के दौरान विशेष रूप से भवनों के इमरजेंसी एग्जिट, फायर अलार्म सिस्टम, स्प्रिंकलर सिस्टम, हाइड्रेंट लाइन, पानी की उपलब्धता तथा विद्युत सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई। कई स्थानों पर निकास मार्गों पर अवरोध, फायर सिस्टम के ऑटो मोड में न होने और सुरक्षा उपकरणों के रखरखाव में कमी पाई गई, जिस पर संबंधित भवन प्रबंधन को सुधार के निर्देश दिए गए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और हाईराइज भवनों की संख्या में वृद्धि के साथ अग्नि सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि किसी भी दुर्घटना के समय शुरुआती कुछ मिनट सबसे अहम होते हैं, इसलिए भवनों में स्थापित अग्निशमन प्रणाली पूरी तरह कार्यशील रहना आवश्यक है। राहुल पाल ने कहा अग्नि दुर्घटनाएं अक्सर लापरवाही के कारण गंभीर रूप ले लेती हैं। यदि भवनों में फायर सिस्टम सही स्थिति में रहे और लोग सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक हों, तो बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है। हमारा उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं, बल्कि लोगों को प्रशिक्षित कर सुरक्षित वातावरण तैयार करना है। उन्होंने भवन स्वामियों और आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि सभी निकास मार्गों को अवरोध मुक्त रखें, फायर उपकरणों की समय-समय पर सर्विसिंग कराएं और विद्युत सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य रूप से करवाएं। साथ ही सुरक्षा कर्मियों को नियमित प्रशिक्षण देना भी आवश्यक है ताकि किसी आपदा की स्थिति में घबराहट के बजाय व्यवस्थित कार्रवाई हो सके। अभियान के दौरान आम नागरिकों को भी आग लगने की स्थिति में अपनाए जाने वाले प्राथमिक उपायों की जानकारी दी गई। गैस सिलेंडर, विद्युत उपकरणों और ज्वलनशील पदार्थों के सुरक्षित उपयोग को लेकर विशेष जागरूकता संदेश दिए गए। कमिश्नरेट गाजियाबाद द्वारा चलाया जा रहा यह विशेष अभियान जनसुरक्षा के प्रति प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है। अधिकारियों का मानना है कि जागरूक नागरिक और सुरक्षित भवन ही किसी भी शहर को दुर्घटनाओं से बचा सकते हैं। अंत में अग्निशमन विभाग ने नागरिकों से अपील की कि अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करें, नियमित रूप से सुरक्षा उपकरणों की जांच कराएं और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत फायर सर्विस को सूचना दें, ताकि जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके। यह अभियान आने वाले दिनों में भी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जारी रहेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button