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नमो भारत ने 3 करोड़ कम्यूटर ट्रिप्स का आंकड़ा किया पार, एनसीआर में यात्रियों का जीता भरोसा

उज्जवल रस्तौगी वरिष्ठ पत्रकार 

दिल्ली-गाज़ियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के संपूर्ण खंड के परिचालित होने के कुछ ही महीनों के भीतर इसने 3 करोड़ कम्यूटर ट्रिप्स का आंकड़ा पार कर लिया है, जो एनसीआर में क्षेत्रीय परिवहन के लिए एक बड़ा माइलस्टोन है। पिछले दो वर्षों में अपनी उत्कृष्ट यात्रा सेवा से नमो भारत ने यात्रियों के विश्वास को लगातार जीता है, जो यात्री संख्या में भारी वृद्धि में साफ़ तौर पर प्रदर्शित होता है। आज अधिक से अधिक लोग यात्रा करने के लिए एक तेज, सुरक्षित और आरामदायक सार्वजनिक परिवहन के तौर पर नमो भारत को चुन रहे हैं।

22 फरवरी 2026 को माननीय प्रधानमंत्री ने मेरठ मेट्रो के साथ संपूर्ण दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया था, तब से राइडरशिप की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। आम दिनों में, लगभग 90,000 से 1,14,000 यात्री दैनिक रूप से यात्रा कर रहे हैं जबकि रविवार को यह संख्या लगभग 85,000 तक रहती है।  

नमो भारत कॉरिडोर पर परिचालन का आरंभ, साहिबाबाद से दुहाई डिपो के बीच 17 किलोमीटर लंबे प्राथमिक खंड के उद्घाटन के बाद, 21 अक्टूबर 2023 को हुआ था। इस खंड पर परिचालन के एक महीना पूरा होने के बाद, *नवंबर 2023* में, यात्रियों की संख्या *72,000 से ज़्यादा* दर्ज की गई। इसके बाद, पहले *मार्च 2024 में मोदीनगर नॉर्थ तक* और फिर *अगस्त 2024 में मेरठ साउथ तक* के खंड पर इस *सेवा का विस्तार* किया गया, जिसके साथ ही नौ स्टेशनों के साथ परिचालित खंड बढ़कर 42 किलोमीटर लंबा हो गया। हर खंड के परिचालन के साथ यात्रियों की संख्या में भी लगातार वृद्धि होती रही। *दिसंबर 2024* तक *औसत मासिक राइडरशिप लगभग 7 लाख* तक पहुँच गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में रिकॉर्ड की गई राइडरशिप की तुलना में लगभग दस गुना अधिक थी।

जनवरी 2025 में राइडरशिप में एक बड़ा उछाल तब आया, जब न्यू अशोक नगर से साहिबाबाद तक अतिरिक्त 13 किलोमीटर लंबे दिल्ली खंड को परिचालित किया गया। इस खंड में सेवा आरंभ होने के साथ ही, एक प्रमुख ‘मल्टी-मॉडल हब’ के रूप में विकसित किए गए आनंद विहार जैसे स्टेशन द्वारा यात्रियों के एक बहुत बड़े समूह तक नमो भारत की सुगम पहुँच सुनिश्चित हुई। इससे न केवल आस-पास के इलाकों से, बल्कि पूरे दिल्ली और उससे सटे क्षेत्रों से भी यात्री नमो भारत ट्रेन में यात्रा करने के लिए आने लगे। *16 मई 2025 को 1 करोड़ राइडरशिप* के साथ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई। *जुलाई 2025 तक मासिक राइडरशिप लगभग 15 लाख तक पहुँच गई*, जो सिर्फ़ छह महीने पहले दर्ज की गई यात्रियों की संख्या की दोगुनी से भी अधिक थी। इसी दौरान दैनिक राइडरशिप लगभग 55,000–60,000 पर स्थिर हो गई। इस बीच, यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए ट्रेनों की फ़्रीक्वेंसी को हर 15 मिनट से बढ़ाकर 10 मिनट कर दिया गया। इस सिस्टम को इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि ज़रूरत पड़ने पर इसे हर 3 मिनट तक की फ़्रीक्वेंसी पर भी चलाया जा सकता है। *दिसंबर 2025 में नमो भारत ने 2 करोड़ कम्यूटर ट्रिप्स का माइलस्टोन पार कर लिया*।

22 फ़रवरी 2026 को, मेरठ मेट्रो के साथ कॉरिडोर के शेष 26 किमी खंड को भी परिचालित कर दिया गया, और राइडरशिप की संख्या में और भी तेज़ी से वृद्धि हुई। सिर्फ एक महीने में ही नमो भारत ट्रेन यात्रियों की पसंदीदा यात्रा वाहन बन गई और केवल *मार्च 2026 में ही औसत मासिक राइडरशिप लगभग 27 लाख* दर्ज की गई। नमो भारत ने *2 करोड़ का आँकड़ा छूने के पाँच महीने से भी कम समय में 3 करोड़ कम्यूटर ट्रिप्स का आँकड़ा भी पार* कर लिया, जो इसके विकास की गति को रेखांकित करता है। 

इसकी सफलता की मुख्य वजह है यात्रा के समय में होने वाली भारी बचत। नमो भारत ने यात्रा में लगने वाले समय को एक-तिहाई कर दिया है। दिल्ली और मेरठ के बीच सड़क मार्ग से यात्रा करने में जहाँ पहले लगभग तीन घंटे लगते थे, वहीं अब नमो भारत से यह दूरी लगभग एक घंटे में तय की जा सकती है। समय की बचत के साथ ही यात्रा अवधि का पूर्वानुमान, नमो भारत को दैनिक यात्रियों के साथ-साथ रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा तथा अन्य ज़रूरतों के लिए यात्रा करने वालों के लिए भी एक व्यावहारिक विकल्प बना दिया है।

इसकी तेज़ गति के साथ-साथ नमो भारत में यात्रा के अनुभव को और भी बेहतर बनाने के लिए कई प्रयास किए गए। यात्री क्यूआर-आधारित डिजिटल टिकट और ट्रेन की रीयल-टाइम ट्रैकिंग के लिए ‘नमो भारत कनेक्ट’ ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे स्टेशनों पर कतार में लगने की ज़रूरत कम हो जाती है। डीएमआरसी और आईआरसीटीसी के मोबाइल एप्लिकेशन के साथ डिजिटल एकीकरण से दिल्ली मेट्रो नमो भारत और भारतीय रेलवे के बीच आरंभ से अंत तक की यात्रा की योजना बनाना संभव हो गया है। न्यू अशोक नगर में नमो भारत और दिल्ली मेट्रो के बीच सिंगल-प्वाइंट सुरक्षा जाँच की सुविधा ने इंटरचेंज को और भी आसान बना दिया है, जिससे समय की बचत होती है और एक से दूसरे माध्यम के बीच यात्रा सुगम और निर्बाध हो गई है।

‘फ़र्स्ट और ‘लास्ट माइल’ कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए भी कई प्रयास किए गए हैं। दिल्ली में देवी बस सेवा तथा गाज़ियाबाद में यूपीएसआरटीसी बस सेवा, दिल्ली मेट्रो, और ई-ऑटो जैसे फ़ीडर विकल्पों के साथ एकीकरण से यात्रियों के लिए स्टेशनों तक आसान पहुँच सुनिश्चित हो रही है और अपनी यात्रा पूरी करने में मदद मिल रही है। सराय काले खां, आनंद विहार, न्यू अशोक नगर और गाजियाबाद जैसे नमो भारत स्टेशन, दिल्ली मेट्रो के साथ निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं। इससे इसका 82 किमी लंबा कॉरिडोर, दिल्ली मेट्रो के 390 किमी के परिचालित नेटवर्क से जुड़कर पूरे क्षेत्र में लोगों के लिए सुगम यात्रा सुनिश्चित करता है। सराय काले खां और आनंद विहार स्टेशन महत्वपूर्ण मल्टीमॉडल हब के रूप में भी उभर रहे हैं, जो परिवहन के कई अलग-अलग साधनों को आपस में जोड़ते हैं।

नमो भारत को यात्रा के एक सुरक्षित और समावेशी माध्यम के तौर पर भी डिज़ाइन किया गया है। सीसीटीवी द्वारा 24/7 निगरानी, महिलाओं के लिए आरक्षित कोच, एसओएस बटन, बेहतर रोशनी वाले स्टेशन और प्रशिक्षित कर्मचारियों की मौजूदगी जैसी सुविधाएँ यात्रा के दौरान एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करती हैं। समय-समय पर आयोजित किए जाने वाले कई जागरूकता पहलें और अभियान इस प्रयास को और सुदृढ़ करते हैं, जिससे अधिक से अधिक महिलाओं को पूरे आत्मविश्वास के साथ इस सिस्टम का प्रयोग करने का प्रोत्साहन मिल रहा है।

विशेष बात यह है कि नमो भारत ने भीषण गर्मी हो या मॉनसून या फिर कांवड़ यात्रा व दिवाली जैसे त्योहारों के समय अत्यधिक मांग का समय, हर वक्त लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया है। ट्रेनों के संचालन में लगभग 99% की समयबद्धता के कारण यात्री अपने गंतव्य तक समय पर पहुँचने तथा सड़कों पर होने वाले जाम और अनिश्चितता से छुटकारा पाने के लिए इस सिस्टम पर पूरी तरह भरोसा कर पाते हैं।

राइडरशिप की संख्या में लगातार वृद्धि इस बात का संकेत है कि एनसीआर में लोगों के यात्रा करने के तरीके में एक बड़ा बदलाव आ रहा है। नमो भारत अब सिर्फ़ एक विकल्प नहीं है, बल्कि यह बड़ी संख्या में यात्रियों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का एक भरोसेमंद हिस्सा बनती जा रही है।

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