गौर ग्रीन एवेन्यू अग्निकांड में बड़ा खुलासा, अवैध निर्माण बने बाधा
गाजियाबाद। अभय खंड स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में फ्लैटों में लगी भीषण आग के मामले में प्रशासनिक जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। जिलाधिकारी की ओर से गठित जांच समिति ने अपनी जांच लगभग पूरी कर ली है और जल्द ही रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपे जाने की संभावना है। प्रारंभिक जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जिनमें सोसायटी के अंदर हुए अवैध निर्माण को हादसे के दौरान राहत एवं बचाव कार्य में बड़ी बाधा बताया गया है। जांच के दौरान पाया गया कि सोसायटी परिसर में निर्धारित मानकों के विपरीत निर्माण कार्य किया गया था। अवैध निर्माण के कारण दमकल विभाग की गाडिय़ों को आग लगने के समय अंदर प्रवेश करने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सूत्रों के अनुसार सोसायटी के भीतर बने स्विमिंग पूल और पार्क क्षेत्र के हिस्सों में भी नियमों के विरुद्ध निर्माण किया गया था, जिससे आपातकालीन रास्ते संकरे हो गए थे। प्रशासन अब ऐसे अवैध निर्माणों को हटाने की तैयारी कर रहा है और जल्द ही बुलडोजर कार्रवाई किए जाने की संभावना है ताकि भविष्य में किसी भी आपदा के दौरान राहत कार्य प्रभावित न हों। हालांकि जांच के बावजूद आग लगने के वास्तविक कारणों का अब तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। जांच टीम के अनुसार आग लगने के समय न तो शॉर्ट सर्किट की स्थिति पाई गई और न ही गैस सिलिंडर विस्फोट या आग का कोई प्रमाण मिला। ऐसे में आग कैसे और किन परिस्थितियों में लगी, इसका पता लगाने के लिए मामले की गहन तकनीकी जांच कराई जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि विशेषज्ञों की मदद से सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है ताकि घटना की वास्तविक वजह सामने आ सके।
गौरतलब है कि 29 अप्रैल को गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी के छह फ्लैटों में अचानक आग लग गई थी, जिससे निवासियों में अफरा-तफरी मच गई थी। आग पर काबू पाने में दमकल विभाग को कई घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी थी और इस दौरान लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। घटना ने बहुमंजिला सोसायटियों की सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण मानकों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। घटना के बाद जिलाधिकारी रविंद्र कुमार माँदड़ ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जीडीए सचिव की अध्यक्षता में एक जांच समिति का गठन किया था। समिति को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन विस्तृत जांच और तकनीकी परीक्षण के कारण रिपोर्ट में देरी हुई है। सूत्रों के अनुसार टीम ने अपनी जांच पूरी कर ली है और रिपोर्ट जल्द ही जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के अवलोकन के बाद जिलाधिकारी द्वारा आवश्यक कार्रवाई और आगे के आदेश जारी किए जाएंगे। अवैध निर्माण हटाने, सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाने की तैयारी की जा रही है। यह मामला अब शहर की आवासीय सोसायटियों में सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनता दिखाई दे रहा है।



