ध्वनि प्रदूषण पर परिवहन विभाग की सख्ती, मॉडिफाइड साइलेंसर वाले वाहनों पर चला विशेष अभियान

गाजियाबाद। जनपद में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण स्थापित करने और यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा मॉडिफाइड साइलेंसर लगे वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया गया। एआरटीओ (प्रवर्तन) अमित राजन राय के नेतृत्व में मंगलवार को संचालित इस अभियान के तहत शहर के प्रमुख मार्गों, व्यस्त चौराहों तथा संवेदनशील क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर सघन वाहन चेकिंग की गई। अभियान का मुख्य उद्देश्य उन वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करना रहा, जिनमें अवैध रूप से मॉडिफाइड साइलेंसर लगाए गए हैं। ऐसे साइलेंसर अत्यधिक तेज ध्वनि उत्पन्न करते हैं, जिससे आमजन को असुविधा होती है और पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन भी होता है। परिवहन विभाग की टीम ने चेकिंग के दौरान विशेष रूप से बुलेट और अन्य दोपहिया वाहनों को रोककर उनके साइलेंसर की जांच की। निरीक्षण के दौरान ध्वनि प्रदूषण मापक यंत्र की सहायता से वाहनों की आवाज का स्तर जांचा गया। मानक से अधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले वाहनों को चिन्हित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान दो बुलेट मोटरसाइकिलों के विरुद्ध चालान की कार्रवाई की गई, जबकि एक वाहन को गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर सीज भी किया गया। अधिकारियों ने बताया कि मॉडिफाइड साइलेंसर न केवल कानूनी रूप से प्रतिबंधित हैं, बल्कि यह सार्वजनिक शांति और पर्यावरण के लिए भी हानिकारक साबित होते हैं। परिवहन विभाग की टीम ने केवल वाहनों की जांच तक अभियान सीमित नहीं रखा, बल्कि जागरूकता अभियान भी चलाया। नंद ग्राम मोड़ स्थित रॉयल एनफील्ड शोरूम पर पहुंचकर गैरेज मैकेनिक्स और तकनीशियनों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी वाहन में अवैध अल्टरेशन या मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने का कार्य न किया जाए। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि भविष्य में इस प्रकार की गतिविधि पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एआरटीओ (प्रवर्तन) अमित राजन राय ने बताया कि ध्वनि प्रदूषण केवल असुविधा का विषय नहीं बल्कि स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ी गंभीर समस्या है। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग ऐसे वाहनों के खिलाफ निरंतर अभियान चलाता रहेगा, ताकि शहर में शांति व्यवस्था और पर्यावरण संतुलन बनाए रखा जा सके। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि अपने वाहनों में किसी भी प्रकार का अवैध संशोधन न कराएं तथा निर्धारित यातायात नियमों का पालन करें। विभाग का मानना है कि प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता भी ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। परिवहन विभाग के इस विशेष अभियान से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि गाजियाबाद में कानून और पर्यावरणीय मानकों से समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन की इस कार्रवाई से जहां नियमों का उल्लंघन करने वालों में हड़कंप है, वहीं आम नागरिकों ने भी शहर को शोर प्रदूषण से राहत दिलाने की दिशा में उठाए गए इस कदम का स्वागत किया है।



