गोविन्दपुरम अनाज मंडी में डीएम का औचक निरीक्षण, तौल कांटों, अभिलेखों और भंडारण व्यवस्था का लिया बारीकी से जायजा

गाजियाबाद। किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और मंडी व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति परखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने बुधवार को गोविन्दपुरम अनाज मंडी का औचक निरीक्षण किया। जिलाधिकारी के अचानक पहुंचने से मंडी प्रशासन और कर्मचारियों में हलचल मच गई तथा व्यवस्थाओं को लेकर सक्रियता बढ़ गई। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले मंडी में दूर-दराज से आने वाले किसानों के ठहरने की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने साफ-सफाई, पेयजल एवं विश्राम व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके बाद मंडी परिसर की यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था का जायजा लेते हुए वाहनों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने तथा जाम की स्थिति से बचाव के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने घटतौली की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तौल कांटों की जांच कराई और स्पष्ट कहा कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की अनियमितता या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि तौल प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष हो तथा यदि कोई व्यापारी या कर्मचारी घटतौली करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। निरीक्षण के दौरान विक्रेता किसानों के लिए खानपान व्यवस्था, शौचालयों और विश्राम स्थलों की स्थिति का भी अवलोकन किया गया। जिलाधिकारी ने स्वच्छता बनाए रखने और उचित दरों पर भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि मंडी परिसर में नियमित साफ-सफाई और रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी मॉंदड़ ने मंडी के अभिलेखों की भी गहन जांच की। उन्होंने मेंटेनेंस रजिस्टर, खाता बही, गेट रजिस्टर सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों का निरीक्षण करते हुए उनके नियमित संधारण और अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी अभिलेख समय-समय पर अपडेट किए जाएं और रिकॉर्ड में किसी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि दस्तावेजों में अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही खाद्यान्न भंडारण व्यवस्था का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने गोदामों में रखे अनाज की गुणवत्ता, सुरक्षा और रखरखाव की स्थिति जांचते हुए नमी, कीटों और अन्य नुकसान से बचाव के लिए निर्धारित मानकों के पालन पर जोर दिया। उन्होंने नियमित सफाई, फ्यूमिगेशन और उचित वेंटिलेशन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि अनाज सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त बना रहे। निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने मंडी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं किसान हित को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी तरीके से संचालित हों और किसानों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान किया जाए। जिलाधिकारी के इस औचक निरीक्षण से मंडी प्रशासन को व्यवस्थाओं में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने का स्पष्ट संदेश मिला है।



