ग़ाज़ियाबाद

 उत्तर प्रदेश विधान परिषद की विनियमन समीक्षा समिति की बैठक  – विनियमन समीक्षा समिति की बैठक में प्रशासन को कड़ा संदेश

– शिक्षा, स्वास्थ्य व जनकल्याण योजनाओं में लापरवाही पर सख्त चेतावनी

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की विनियमन समीक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को विकास भवन सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति अश्विनी त्यागी ने की। बैठक में समिति के सदस्यगण, जनप्रतिनिधि तथा जनपद के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में विभिन्न विभागों से जुड़े निर्धारित बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
सभापति के आगमन पर जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया तथा गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया। जनपदीय अधिकारियों ने सभी समिति सदस्यों का पौधा, शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया।
बैठक में समिति के समक्ष प्रस्तुत 67 बिंदुओं की विभागवार समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान पाया गया कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के एक सहायक अभियंता की पहचान संख्या में तकनीकी त्रुटि के कारण मानव संपदा पोर्टल पर विवरण अपलोड नहीं हो सका था। वहीं भ्रष्टाचार के मामले में एक अभियंता को निलंबित किए जाने तथा श्रम विभाग के एक आशुलिपिक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई पूर्ण होने की जानकारी दी गई। जनप्रतिनिधियों से प्राप्त पत्रों पर समयबद्ध कार्रवाई किए जाने तथा सभी कार्यालयों में जनप्रतिनिधियों हेतु अलग रजिस्टर बनाए जाने की भी पुष्टि की गई। बैठक के दौरान विधायक संजीव शर्मा ने जनपद की यातायात व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए जाम की समस्या से स्थायी समाधान की मांग की। इस पर सभापति अश्विनी त्यागी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि शहर को जाम मुक्त बनाने के लिए सड़कों से अतिक्रमण और अवैध पार्किंग तत्काल हटाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यातायात व्यवस्था सुधारना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। सभापति ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को गंभीर विषय बताते हुए भूमाफियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमाफिया आम नागरिकों की जीवनभर की कमाई को जोखिम में डालते हैं, इसलिए जनहित और राजस्वहित में उनके खिलाफ सख्ती अनिवार्य है। विद्युत विभाग की समीक्षा करते हुए स्मार्ट मीटरों से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को बिल या तकनीकी त्रुटियों से परेशान नहीं होना चाहिए और कार्यवाही करते समय मानवीय संवेदनाओं को भी ध्यान में रखा जाए। स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभागों को चेतावनी देते हुए सभापति ने कहा कि इन सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरकार की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित रूप से पहुंचाया जाए। बैठक के अंत में सभापति ने जनपद के अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत जवाबों को संतोषजनक बताते हुए अधिकांश विभागों के कार्यों की सराहना की। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने सभी अतिथियों एवं समिति सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया। बैठक सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुई और प्रशासन को जनहित से जुड़े मुद्दों पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

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