बिजली संकट से उबल पड़ा एसजी शिखर हाइट, आधी रात सड़कों पर उतरे निवासी-बार-बार बिजली गुल होने से त्रस्त परिवार, भीषण गर्मी में बच्चों और बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी

गाजियाबाद। सिद्धार्थ विहार स्थित एसजी शिखर हाइट सोसाइटी में लगातार बिगड़ती बिजली व्यवस्था को लेकर निवासियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। गुरुवार देर रात करीब डेढ़ बजे बार-बार हो रही बिजली कटौती और ट्रिपिंग से परेशान लोगों ने सामूहिक रूप से विरोध जताते हुए संबंधित अधिकारियों और सोसाइटी प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
करीब 670 फ्लैटों वाली इस बहुमंजिला सोसाइटी में लगभग 70 प्रतिशत परिवार रह रहे हैं, लेकिन यहां की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। निवासियों का कहना है कि दिनभर में 10 से 12 बार बिजली ट्रिप होना अब सामान्य बात बन गई है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि आसपास की अन्य सोसाइटियों में बिजली आपूर्ति सामान्य रहती है, जबकि केवल एसजी शिखर हाइट के लोग लगातार इस संकट का सामना कर रहे हैं। सोसाइटीवासियों ने आरोप लगाया कि बिल्डर एसजी एस्टेट्स एंड पेरिगी इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड और मेंटेनेंस प्रबंधन को कई बार शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी में घंटों बिजली बाधित रहने से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की हालत खराब हो रही है। निवासियों ने बताया कि लगातार वोल्टेज में उतार-चढ़ाव के कारण घरों में लगे एयर कंडीशनर, फ्रिज, टेलीविजन, वॉशिंग मशीन और अन्य महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि सोसाइटी की आंतरिक बिजली व्यवस्था और लोड प्रबंधन पूरी तरह विफल हो चुका है। इससे शॉर्ट सर्किट और आग लगने जैसी बड़ी दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है।
बिजली संकट का असर सोसाइटी की लिफ्ट व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है। निवासियों के अनुसार ओटिस कंपनी की लिफ्टें बार-बार बीच में बंद हो रही हैं, जिसके चलते कई बार बच्चे, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक लिफ्ट में फंस चुके हैं। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो जाता है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। सोसाइटीवासियों ने यह भी कहा कि केवल बिजली की समस्या ही नहीं, बल्कि कई अन्य मूलभूत समस्याएं भी लंबे समय से बनी हुई हैं। इनमें लिफ्टों की लगातार खराबी, पार्किंग व्यवस्था में अव्यवस्था, सीवेज शोधन संयंत्र से जुड़ी परेशानियां, निर्माण कार्यों में खामियां और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही प्रमुख हैं। निवासियों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद बिल्डर, मेंटेनेंस प्रबंधन और संबंधित विभाग केवल आश्वासन देकर मामले को टाल रहे हैं। धरातल पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखाई दी है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल संयुक्त तकनीकी जांच कराई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि समस्या बिजली विभाग की आपूर्ति में है या फिर सोसाइटी के आंतरिक ढांचे में। सोसाइटी के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन और आंदोलन करने को मजबूर होंगे। निवासियों ने कहा कि किसी भी संभावित दुर्घटना या जनहानि की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों और सोसाइटी प्रबंधन की होगी।



