ग़ाज़ियाबाद

पशुपालकों के द्वार पहुँची आधुनिक पशु चिकित्सा सेवा, भिक्कनपुर में लगा स्वास्थ्य शिविर

गाजियाबाद। ग्रामीण अंचल में पशुपालकों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक पशु स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को ग्राम भिक्कनपुर में पशु स्वास्थ्य एवं बाँझपन निवारण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, मेरठ तथा पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में, इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड के वित्तीय सहयोग से आयोजित किया गया। शिविर ने पशुपालकों को घर के समीप विशेषज्ञ सेवाएँ उपलब्ध कराकर उन्हें बड़ी राहत दी।
शिविर का उद्घाटन राष्ट्रीय लोकदल के वरिष्ठ नेता अजय प्रमुख जी द्वारा किया गया। कार्यक्रम का मार्गदर्शन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. के. के. सिंह ने किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और पशुओं का स्वस्थ रहना सीधे तौर पर किसानों की आय से जुड़ा हुआ है। ऐसे शिविर पशुपालकों को जागरूक करने और पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर डॉ. एस. पी. पाण्डेय ने पशुपालकों को संबोधित करते हुए शीत ऋतु में पशुओं की देखभाल पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में पशुओं को हवादार, लेकिन ठंडी हवा से सुरक्षित स्थान पर रखना आवश्यक है। साथ ही सूखी एवं स्वच्छ बिछावन की व्यवस्था तथा रात्रि के समय बोरे, टाट या पॉलिथीन की परत का उपयोग कर पशुओं को ठंड से बचाया जा सकता है, जिससे बीमारियों की संभावना कम होती है। परियोजना प्रभारी डॉ. अमित वर्मा ने बताया कि सर्दियों में पशुओं में पाचन संबंधी विकार, भूख में कमी और दुग्ध उत्पादन में गिरावट जैसी समस्याएँ सामान्य रूप से देखने को मिलती हैं। उन्होंने पशुपालकों को सलाह दी कि पशुओं को गुनगुना पानी पिलाया जाए तथा आहार में प्रतिदिन 200 से 300 ग्राम गुड़ अथवा 50 से 100 ग्राम सरसों का तेल शामिल किया जाए, जिससे पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़े और उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। शिविर में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों डॉ. अमित वर्मा, डॉ. प्रेम सागर मौर्या, डॉ. अरविंद सिंह, डॉ. अजीत कुमार सिंह, डॉ. अखिल पटेल, डॉ. राहुल चौधरी, डॉ. शक्ति प्रताप तथा डॉ. शुभम चौधरी द्वारा लगभग 150 पशुओं की स्वास्थ्य जाँच की गई। आवश्यकता के अनुसार पशुओं को नि:शुल्क दवाओं का वितरण भी किया गया, जिससे पशुपालकों को आर्थिक राहत मिली।
शिविर के सफल आयोजन में पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल चौधरी के साथ ग्राम प्रधान अरविंद सिंह, जयवीर सिंह, महावीर सिंह, सुमित त्यागी, विनय चौधरी, संदीप चौधरी, चंद्रपाल सिंह तथा पशुधन प्रसार अधिकारी अरविंद कुमार का विशेष सहयोग रहा। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे शिविर आयोजित किए जाने की मांग की।

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