बेटी को जिंदा फूंकने वाले ‘कातिल दंपति’ को ताउम्र कैद: बुलंदशहर पुलिस की पैरवी ने रची न्याय की इबारत

*बुलंदशहर।छह साल पहले एक रंजिश की आग में पेट्रोल डालकर जिंदा जलाई गई गुलशन की रूह को आखिरकार बुधवार को इंसाफ मिल गया। जनपद के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के चर्चित गुलशन हत्याकांड में माननीय विशेष न्यायालय (SC/ST एक्ट) ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कातिल पति-पत्नी को ‘आजीवन कारावास’ की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों पर 55-55 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका है। इस फैसले को बुलंदशहर पुलिस की एक बड़ी रणनीतिक जीत माना जा रहा है।
*खौफनाक मंजर: रंजिश में जला दी थी मासूम की खुशियां*
घटना 17 नवंबर 2020 की है। गांव धामनी निवासी संजय और उसकी पत्नी काजल उर्फ पूनम ने पुरानी कानूनी रंजिश का बदला लेने के लिए एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया था जिसने पूरे प्रदेश को हिला दिया था। आरोपियों ने वादी जगवीर के घर में घुसकर उसकी पुत्री गुलशन पर पेट्रोल छिड़का और सरेआम आग लगा दी। चीखती-चिल्लाती गुलशन ने अस्पताल में दम तोड़ दिया, लेकिन मरते-मरते वह कातिलों के चेहरे बेनकाब कर गई
*ऑपरेशन कन्विक्शन: खाकी ने नहीं छोड़ी कोई कसर*
पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत एसएसपी बुलंदशहर ने इस केस को ‘मस्ट विन’ कैटेगरी में रखा था। मॉनीटरिंग सेल ने अभियोजन पक्ष के साथ मिलकर अभेद्य चक्रव्यूह रचा। कोर्ट में 09 चश्मदीद गवाहों को पेश किया गया और वैज्ञानिक साक्ष्यों की ऐसी कड़ी जोड़ी कि कातिल दंपति की तमाम दलीलें और रसूख धरे के धरे रह गए।
*”अपराधियों का ठिकाना सिर्फ जेल की कालकोठरी” – एसएसपी*
*मामले पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बुलंदशहर, दिनेश कुमार ने कड़े लहजे में कहा:*
”यह फैसला समाज के उन तत्वों के लिए चेतावनी है जो कानून को खिलौना समझते हैं। गुलशन के हत्यारों को सजा दिलाना हमारी प्राथमिकता थी। हमारी मॉनीटरिंग सेल और थाना पुलिस ने इस केस में पेशेवर पैरवी की, जिसका नतीजा आज सबके सामने है। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत हम एक-एक अपराधी को सजा दिलवाएंगे। पीड़ित परिवार को न्याय मिलना ही बुलंदशहर पुलिस का असली पदक है।”



