मेरठ से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

उज्जवल रस्तौगी वरिष्ठ पत्रकार
14 साल में 100 से ज्यादा वारंट… गैर-जमानती वारंट तक जारी… लेकिन आरोपी अब भी फरार!
सबसे बड़ा सवाल —
क्या विकास चौबे कानून और कोर्ट से भी ऊपर है ?
सूत्रों के मुताबिक—
आरोपी खुलेआम मेरठ में घूमता रहा…
सरकारी ठेके भी लिए…
यहां तक कि चरित्र प्रमाण पत्र भी बनवाया गया।
और तो और…
एक आरोपी सरकारी गनर के साथ घूमता रहा
जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी सामने आई हैं।
अब सवाल उठता है—
क्या ये सिर्फ लापरवाही है…
या फिर किसी बड़ी सेटिंग का खेल ?
जब कोर्ट बार-बार वारंट जारी कर रहा है…
तो आखिर पुलिस कार्रवाई क्यों नहीं कर पा रही ?
अब देखना ये होगा कि—
क्या मेरठ पुलिस इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई करती है…
या फिर ये मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
और अगर ऐसे ही चलता रहा…
तो क्या पीड़ित पक्ष को आखिरकार
सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा ?
फिलहाल… ये मामला मेरठ में कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल बन चुका है।



