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इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज में भव्य दीक्षांत समारोह, 451 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान

  • यूनिवर्सिटी–इंडस्ट्री संवाद में 100 से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल

उज्जवल रस्तौगी वरिष्ठ पत्रकार

साहिबाबाद। इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज में शुक्रवार को गरिमामय एवं भव्य दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ से संबद्ध विभिन्न पाठ्यक्रमों के कुल 451 छात्र-छात्राओं को विधिवत उपाधियां प्रदान की गईं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एकेटीयू के कुलपति प्रो. (डॉ.) जे.पी. पांडे, विशिष्ट अतिथि अनूप कुमार राय (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, गाजियाबाद), संस्थान के चेयरमैन विष्णु शरण, वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल एवं गौरव अग्रवाल, कैंपस निदेशक डॉ. डी.के. शर्मा, प्लेसमेंट डायरेक्टर आकांक्षा अग्रवाल तथा रजिस्ट्रार अल्पना रानी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
समारोह का आकर्षक शुभारंभ अरवाचीन भारतीय भवन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, विवेक विहार के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत बैगपाइप बैंड की मनमोहक प्रस्तुति से हुआ। इसके पश्चात कैंपस निदेशक डॉ. डी.के. शर्मा ने संस्थान की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध गतिविधियों एवं प्लेसमेंट में हुई उल्लेखनीय प्रगति पर प्रकाश डाला।
दीक्षांत समारोह में कुल 451 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के 168, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग के 103, डेटा साइंस के 66, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के 12 तथा इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के 102 विद्यार्थी शामिल रहे। इसके अतिरिक्त 66 मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा लगभग 4.15 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि वितरित की गई।
अपने संबोधन में कुलपति प्रो. (डॉ.) जे.पी. पांडे ने विद्यार्थियों को आत्मविकास, सशक्त निर्णय क्षमता एवं तकनीकी दक्षता को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संदेश दिया। उन्होंने गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीवन में गुरु का स्थान सर्वोपरि होता है। साथ ही उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि यह तकनीक तेजी से उन्नत हो रही है और स्वयं को अद्यतन करने में सक्षम है, ऐसे में युवाओं को समय रहते इसे अपनाना आवश्यक है।
इस अवसर पर कुलपति द्वारा संस्थान में स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस—रोबोटिक्स एंड ड्रोन लैब तथा स्पेस टेक्नोलॉजी लैब का उद्घाटन भी किया गया।
दीक्षांत समारोह के उपरांत ‘यूनिवर्सिटी–इंडस्ट्री संवाद’ का आयोजन किया गया, जिसमें उद्योग जगत की वर्तमान चुनौतियों एवं उनके समाधान पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम में इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन, साहिबाबाद इंडस्ट्री एसोसिएशन, गाजियाबाद एवं नोएडा मैनेजमेंट एसोसिएशन तथा जिला उद्योग निगम के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इसके साथ ही 100 से अधिक मल्टीनेशनल एवं नवरत्न कंपनियों के संस्थापक, प्रबंध निदेशक, वरिष्ठ प्रबंधक एवं एचआर प्रमुख भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में संस्थान के पूर्व छात्रों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही, जिनमें से कई सफल उद्यमी के रूप में स्थापित हैं और 50 से अधिक स्टार्टअप का संचालन कर रहे हैं। समारोह का समापन उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में हुआ।
इस दौरान एमआईईटी के कैंपस निदेशक डॉ. संजय कुमार सिंह, डीन एकेडमिक्स डॉ. अमित कुमार जैन, डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. मीनाक्षी शर्मा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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