स्मार्ट मीटर की डिजिटल व्यवस्था से परेशान उपभोक्ता

ऑफलाइन यूज़र्स को भुगतान व बिजली बहाली में परेशानी
डिजिटल माध्यम से दूर लोगो के लिए खड़ी हुई परेशानी, छुटपुट कार्यो के लिए दौड़ना पड़ता हैं कस्बे से दूर उपखण्ड कार्यालय
बुलंदशहर.जहांगीराबाद बिजली विभाग द्वारा कस्बे में तेजी से लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर अब ऑफ़लाइन उपभोक्ताओं के लिए सुविधा के बजाय परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। विभाग जहां इसे डिजिटल व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा रहा है, वहीं कस्बे के ऐसे उपभोक्ता जो डिजिटल माध्यम से अनभिज्ञ हैं, वह इसे अव्यवस्थित और असुविधाजनक व्यवस्था करार दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, स्मार्ट मीटर का बैलेंस खत्म होते ही बिजली आपूर्ति स्वतः बाधित हो जाती है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होता है। सबसे बड़ी समस्या तब सामने आती है जब उपभोक्ता को रिचार्ज या भुगतान करना होता है। इसके लिए उन्हें कस्बे से दूर स्थित एक्सईएन कार्यालय जाना पड़ता है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं।
कई मामलों में ऑनलाइन रिचार्ज करने के बाद भी बिजली बहाल होने में घंटों का समय लग जाता है, जबकि विभागीय कार्यालय में भुगतान करने पर तत्काल आपूर्ति चालू हो जाती है। इससे लोगों में असंतोष और बढ़ रहा है।
कस्बे के नागरिकों ने यह भी मुद्दा उठाया कि हर व्यक्ति डिजिटल माध्यमों का जानकार नहीं है। विशेषकर बुजुर्ग, गरीब और अशिक्षित वर्ग के लिए यह व्यवस्था और अधिक जटिल हो गई है। ऐसे में उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
उपभोक्ता मिथिलेश देवी, जितेंद्र कुमार, आशु गुप्ता, दिनेश अग्रवाल आदि ने बताया कि बिजली बिल निकलवाने जैसी सामान्य प्रक्रिया के लिए भी उपखंड कार्यालय का रुख करना पड़ता है, जिससे अनावश्यक परेशानी होती है। उन्होंने मांग की कि कस्बे के भीतर एक सुलभ और स्थायी काउंटर की व्यवस्था की जाए, जहां बिल भुगतान, रिचार्ज और अन्य सेवाएं आसानी से उपलब्ध हों।
इस बाबत, अधिशासी अभियंता सौरभ मिश्रा का कहना हैं कि लगभग सभी लोग डिजिटल माध्यम से लिंक हैं।यूपीपीसीएल स्मार्ट एप्पलीकेशन की मदद से सभी कार्य घर बैठे पूरा कर सकते हैं। जो लोग ऑफ़लाइन हैं वह स्मार्टमीटर में एडवांस रिचार्ज रखें। जिससे आपात समय में परेशानी न उठानी पड़े। अतिरिक्त काउंटर के लिए अधिकारियों का कहना हैं कि स्टाफ की अधिकता अभी इस स्तर पर सम्भव नही हैं।



