गोवर्धन में बगैर सूचना दिए चले अतिक्रमण हटाओ अभियान से मचा हड़कंप
-दुकानदारों ने जताई नाराजगी
मथुरा/गोवर्धन। कस्बे में गुरुवार को पुलिस और प्रशासन द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान बाजार क्षेत्र में हड़कंप मच गया। अभियान के दौरान कई दुकानों के बाहर रखे सामान और अस्थायी ढांचे हटाए गए, जिससे दुकानदारों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
व्यापारियों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक कार्रवाई शुरू कर दी। इस दौरान दुकानों पर लगी त्रिपाल फाड़ दी गई और बाहर रखा सामान हटाते समय नुकसान भी हुआ। दुकानदार मोहन, बुद्धा, गुड्डी, कन्हैया, भूषण, शेखर, छोटू रतन, गेंदा और मोहन श्याम समेत कई व्यापारियों ने कहा कि अगर पहले सूचना दी जाती तो वे स्वयं अतिक्रमण हटा लेते।
छोटे दुकानदारों का कहना है कि इस कार्रवाई से उनका आर्थिक नुकसान हुआ है और रोज़गार पर भी असर पड़ा है। व्यापारियों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कार्रवाई के दौरान मानवीय संवेदनाओं का ध्यान नहीं रखा गया।
वहीं प्रशासन का कहना है कि सड़क और सार्वजनिक स्थलों पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। आम लोगों की सुविधा और जाम की समस्या को देखते हुए अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने साफ किया कि आगे भी सार्वजनिक स्थानों पर अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
दुकानदारों ने प्रशासन से नुकसान की भरपाई कराने और भविष्य में किसी भी कार्रवाई से पहले उचित सूचना देने की मांग की है।
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प्रशासन ने बिना कोई सूचना के दुकानदारों के टीनशेड आदि को गिरा दिया है। प्रशासन को पूर्व में सूचना देनी चाहिए थी। छोटे दुकानदार अपनी आजीविका चलाने के लिए दुकान खोलकर बैठे हैं। बाहर रखे सामान को तोड़कर ट्रैक्टर से भरके ले जाना सही नहीं है।
गेंदा, व्यापारी
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प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के नाम पर बाहर रखे तख्त, त्रिपाल आदि को तोड़ दिया है। छोटे दुकानदारों का करीब पांच हजार रुपए का सभी का नुकसान हुआ है।
सुखदेव, मिठाई दुकानदार
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अचानक हुई कार्रवाई से छोटे दुकानदारों में नाराजगी है। प्रशासन को तोड़कर नुकसान करने के बजाय दुकानदारों को थोड़ा समय बाहर रखे सामान को हटाने के लिए देना चाहिए था।
कन्हैयालाल, व्यापारी




