नगर आयुक्त ने डॉग कैचिंग व स्टेरिलाइजेशन टीमों को दिए सख्त निर्देश-48 हजार से अधिक श्वानों का हो चुका स्टेरिलाइजेशन, वैक्सीनेशन और रजिस्ट्रेशन अभियान तेज

गाजियाबाद। शहर में आवारा श्वानों की बढ़ती संख्या पर प्रभावी नियंत्रण तथा नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गाजियाबाद नगर निगम ने एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर अभियान को और तेज करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में बुधवार को नगर निगम मुख्यालय में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की अध्यक्षता में डॉग कैचिंग एवं स्टेरिलाइजेशन अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें अभियान की प्रगति, चुनौतियों और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान नगर आयुक्त ने अधिकारियों और कार्यरत टीमों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर में चल रहे डॉग कैचिंग और स्टेरिलाइजेशन अभियान को और अधिक गति प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम की टीमें वार्डवार अभियान चलाते हुए आवारा श्वानों को पकड़कर उनका वैक्सीनेशन और स्टेरिलाइजेशन कर रही हैं, जिससे श्वानों की अनियंत्रित संख्या पर रोक लगाने के साथ ही रेबीज जैसी बीमारियों से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। नगर आयुक्त ने बताया कि अभियान के दौरान कई बार टीमों को सोसाइटी और आवासीय क्षेत्रों में सहयोग नहीं मिल पाने से विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसी परिस्थितियों से बचने और टीम की पहचान स्पष्ट करने के लिए संबंधित कर्मचारियों को आधिकारिक पहचान पत्र उपलब्ध करा दिए गए हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन कर्मचारियों के पास नगर निगम द्वारा जारी पहचान पत्र हों, उन्हें आरडब्ल्यूए पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय निवासी पूर्ण सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर के माध्यम से श्वानों का वैज्ञानिक तरीके से स्टेरिलाइजेशन किया जा रहा है, जिसके लिए डॉग कैचिंग का कार्य निरंतर जारी है। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित संस्था फ्रेंडीकोज़ को भी कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग मजबूत करने और अभियान की दैनिक समीक्षा करने के निर्देश दिए गए, ताकि लक्ष्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके। नगर आयुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि गाजियाबाद नगर निगम अब तक लगभग 48 हजार से अधिक श्वानों का बाध्यकरण, वैक्सीनेशन और स्टेरिलाइजेशन करा चुका है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल नगर निगम का नहीं बल्कि शहर की सामूहिक जिम्मेदारी है, इसलिए नागरिकों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि नगर निगम की टीमें घर-घर जाकर डॉग रजिस्ट्रेशन, स्टेरिलाइजेशन और वैक्सीनेशन का कार्य कर रही हैं। नागरिक टीमों का सहयोग करें और अभियान को सफल बनाने में भागीदारी निभाएं, ताकि शहर को सुरक्षित, स्वच्छ और संतुलित बनाया जा सके। बैठक में मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. आशीष त्रिपाठी, उप मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि अभियान को जनसहभागिता के साथ निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा और शहर में आवारा श्वानों की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।


