डीएम ने वृहद गो-आश्रय स्थल जिगिना का किया औचक निरीक्षण

डीएम ने गो-आश्रय स्थल के सुचारू संचालन में कमियां पाये जाने पर ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित करने, खण्ड विकास अधिकारी व एडीओ (पं0) को नोटिस, ग्राम प्रधान के विरूद्ध कार्यवाही के निर्देश
संतकबीरनगर।
जिलाधिकारी आलोक कुमार ने सेमरियांवा विकास खण्ड अन्तर्गत वृहद गो-आश्रय स्थल जिगिना का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुल 253 गोवंश संरक्षित पाये गये। गोशाला में संरक्षित गोवशों के सापेक्ष केवल 03 केयर टेकर ही कार्यरत हैं, जबकि गोवंशो की संख्या के सापेक्ष कम से कम 05-06 केयर टेकर होने चाहिए। बताया गया कि स्थानीय ग्राम प्रधान ने केयर टेकर नही लगाया है। गोवंशों के सुरक्षा हेतु बनायी गयी लोहे की बैरिकेटिंग टूटी पायी गयी। गोशाला में साफ-सफाई का अभाव पाया गया।
उक्त कमियों को गम्भीरता से लेते हुए जिलाधिकारी द्वारा जिगना के ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित करने एवं स्थानीय एडीओ (पं0) एवं खण्ड विकास अधिकारी सेमरियावां को चेतावनी दी गयी है। स्थानीय ग्रामप्रधान की लापरवाही पाये जाने पर उनके विरूद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए गये।
जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया है कि आगामी 01 सप्ताह के अन्दर गो-आश्रय स्थल का निरीक्षण कर समस्त व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करवाना सुनिश्चित करें।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि गोशाला के अन्दर ही आर0आर0सी0 सेन्टर/कूड़ा घर बना दिया गया है जो औचित्यहीन है। इस पर जिलाधिकारी ने जिला पंचायतराज अधिकारी कोे स्पष्टीकरण के निर्देश दिए।
इस अवसर पर ओ0एस0डी0 राकेश कुमार सहित सम्बंधित आदि उपस्थित रहे।



