70 दिन, 70 वार्ड और 1 मिशन”: सिद्ध हॉस्पिटल की स्वास्थ्य सुरक्षा यात्रा 18 मई से, हर घर पहुंचेगा बचाव

*मुरादाबाद, सिद्ध मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल और नगर निगम मुरादाबाद के संयुक्त तत्वावधान में 18 मई से शहर में “70 दिन, 70 वार्ड और 1 मिशन” नाम से वृहद स्वास्थ्य सुरक्षा यात्रा शुरू हो रही है। इस अभियान के तहत सिद्ध हॉस्पिटल की ‘NCD प्रिवेंशन वैन’ यानी ‘हॉस्पिटल ऑन व्हील्स’ अगले 70 दिनों तक शहर के सभी 70 वार्डों में पहुंचकर लोगों की मुफ्त स्वास्थ्य जांच करेगी।
बीमारी से पहले बचाव का मॉडल
अभियान का उद्देश्य सिर्फ शिविर लगाना नहीं, बल्कि जांच, इलाज और बचाव को हर वार्ड, हर मोहल्ले और हर परिवार तक पहुंचाना है। सिद्ध हॉस्पिटल के चेयरमैन एवं वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराग मेहरोत्रा ने कहा, “बीपी, शुगर, दिल की बीमारी, किडनी रोग और स्ट्रोक चुपचाप बढ़ते हैं। जब मरीज अस्पताल पहुंचता है तब तक देर हो चुकी होती है। हमारा मिशन है कि बीमारी अस्पताल तक पहुंचे, उससे पहले सही जांच और सलाह नागरिकों तक पहुंचे।”
WHO के अनुसार 2021 में दुनिया में 4.3 करोड़ मौतें NCD यानी गैर-संचारी रोगों से हुईं, जो कुल मौतों का 75% थीं। इनमें से 82% समय से पहले होने वाली मौतें निम्न और मध्यम आय वाले देशों में हुईं। भारत में 2016 में कुल मौतों में 63% NCD से थीं, जिनमें 27% हृदय रोगों से जुड़ी थीं। ICMR-INDIAB 2023 के अनुसार देश में लगभग 10.1 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं।
युवाओं में अचानक हार्ट अटैक से हो रही मौतों पर भी चिंता बढ़ी है। AIIMS और ICMR के अध्ययन की शुरुआती रिपोर्ट बताती है कि युवा वयस्कों में अचानक मृत्यु का प्रमुख कारण हार्ट अटैक है।
‘हॉस्पिटल ऑन व्हील्स’ के जरिए हर वार्ड में BP-शुगर जांच, ECG, बेसिक पैथोलॉजी, हृदय जोखिम पहचान, फेफड़ों/श्वास से जुड़ी स्क्रीनिंग और विशेषज्ञ परामर्श दिया जाएगा।
इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत है ‘रिस्क असेसमेंट स्कोर’। जांच के बाद हर नागरिक को एक स्कोर दिया जाएगा जो बताएगा कि उसे BP, शुगर, हृदय रोग, स्ट्रोक, किडनी रोग का खतरा कम, मध्यम या ज्यादा है। इसी के आधार पर उन्हें जीवनशैली में बदलाव और आगे की जांच की सलाह दी जाएगी।
डॉ. मेहरोत्रा ने कहा कि NCDs का बोझ अक्सर निम्न मध्यम वर्ग, कामगार वर्ग और उन परिवारों पर ज्यादा पड़ता है जहां नियमित जांच की सुविधा नहीं है। रोज कमाने-खाने वाले लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं। ऑनसाइट स्क्रीनिंग ऐसे परिवारों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है। समय पर जांच से महंगे ICU और अस्पताल खर्च से भी बचा जा सकता है। WHO ने भी हाइपरटेंशन मैनेजमेंट को सबसे किफायती उपायों में बताया है।
डॉ. अनुराग मेहरोत्रा ने कहा, “यह सिर्फ अभियान नहीं, बल्कि मुरादाबाद से शुरू होने वाला प्रिवेंशन-लेड हेल्थकेयर मॉडल है। यदि मुरादाबाद में यह सफल होता है तो देश के अन्य शहरों के लिए भी दोहराए जाने योग्य मॉडल बन सकता है।”
सिद्ध हॉस्पिटल ने अभियान में सहयोग के लिए नगर निगम मुरादाबाद और विशेष रूप से नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल, आईएएस का आभार जताया। उनके दूरदर्शी दृष्टिकोण ने इस यात्रा को शहरव्यापी स्वरूप देने में अहम भूमिका निभाई है।



