6 महीने की रेकी, फायरिंग कर लूटी कैश वैन… पुलिस ने 5 दिन में दबोचे लुटेरे -दो इनामी बदमाश गिरफ्तार, 8 लाख रुपये नकद व हथियार बरामद

गाजियाबाद। क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र में छह मई को हुई एटीएम कैश वैन लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने सफल खुलासा करते हुए दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटे गए आठ लाख छह हजार रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त बलेनो कार, अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस और कुल्हाड़ी बरामद की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस लूट की साजिश बेहद सुनियोजित तरीके से रची गई थी और बदमाश पिछले छह महीने से कैश वैन की रेकी कर रहे थे। सोमवार को लूट की घटना का खुलासा करते हुए पुलिस उपायुक्त नगर/अपराध/मुख्यालय धवल जायसवाल ने बताया कि छह मई को इण्डिया वन एटीएम में कैश भरने जा रही कैश वैन को एनएच-9 स्थित एच.पी. पेट्रोल पंप के सामने बदमाशों ने निशाना बनाया था। बदमाशों ने फायरिंग कर चालक को डराया और कैश वैन लूटकर फरार हो गए थे। इस संबंध में क्रॉसिंग रिपब्लिक थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। प्रारंभिक जांच में कैश वैन में लगभग 27 लाख रुपये होने की जानकारी सामने आई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त के निर्देश पर आठ विशेष टीमों का गठन किया गया। स्वाट टीम, अपराध शाखा और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान सिल्वर रंग की बलेनो कार संदिग्ध पाई गई, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की गई। दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। धवल जायसवाल ने बताया कि 11 मई को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने चिपयाना अंडरपास के पास घेराबंदी कर 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश मौहम्मद कैफ को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 3 लाख 36 हजार रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त बलेनो कार, तमंचा, कारतूस और कुल्हाड़ी बरामद हुई। पूछताछ में कैफ ने अपने साथी मौहम्मद रिजवान की भूमिका उजागर की, जिसके बाद पुलिस ने विजयनगर स्थित उसके घर से रिजवान को गिरफ्तार कर लिया। रिजवान के पास से 4 लाख 70 हजार रुपये बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि इस डकैती में कुल छह बदमाश शामिल थे। गिरोह का मास्टरमाइंड जुबैर बताया जा रहा है, जो घटना में प्रयुक्त कार का मालिक है और फिलहाल फरार है। आरोपियों ने बताया कि वे पिछले छह महीने से कैश वैन की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे और घटना से पहले तीन बार ट्रायल भी किया गया था, लेकिन सफलता नहीं मिली।
वारदात वाले दिन बदमाश बिना नंबर प्लेट लगी बलेनो कार से करीब दो घंटे पहले ही मौके पर पहुंच गए थे। जैसे ही कैशियर और गनमैन एटीएम में कैश डालने अंदर गए, बदमाशों ने कैश वैन में अकेले मौजूद चालक को निशाना बनाया। अवैध हथियार से फायरिंग कर चालक को नीचे उतारा गया और कैश वैन लेकर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की ओर फरार हो गए। धवल जायसवाल के अनुसार बदमाशों ने रास्ते में वैन के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे कुल्हाड़ी से तोड़ दिए और लॉकर तोड़कर नकदी निकाल ली। बाद में कैश वैन को एक्सप्रेसवे पर छोड़कर सभी आरोपी बलेनो कार से मेरठ की ओर भाग गए। लूट की रकम का बंटवारा डासना-मसूरी क्षेत्र के एक मकान में किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि कैफ को चार लाख और रिजवान को पांच लाख रुपये हिस्से में मिले थे, जबकि बाकी रकम अन्य साथियों में बांटी गई। डीसीपी धवल जायसवाल ने कहा कि पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और जल्द ही पूरे गैंग को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। पुलिस की इस सफलता पर अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय/अपराध द्वारा टीम के उत्साहवर्धन हेतु 50 हजार रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की गई है। धवल जायसवाल ने कहा कि संगठित अपराध पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी और आम जनता की सुरक्षा के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस कार्रवाई से न केवल बड़ी लूट का खुलासा हुआ है बल्कि पुलिस की तकनीकी जांच, टीमवर्क और त्वरित रणनीति की भी प्रभावी झलक देखने को मिली है।




