जिला कारागार का डीएम-एसएसपी ने किया औचक निरीक्षण, बैरकों की सघन तलाशी

असदुल्लाह सिद्दीकी
सिद्धार्थनगर। जिला कारागार के भीतर सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाए रखने और जेल मैनुअल का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए बुधवार को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने संयुक्त रूप से जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। शीर्ष अधिकारियों के अचानक जेल पहुंचने से कारागार महकमे में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने भारी पुलिस बल के साथ सभी बैरकों की सघन तलाशी ली और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
भोजनालय की साफ-सफाई और बैरकों की हुई गहन पड़ताल
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और एसएसपी ने बंदियों के भोजनालय (मेस) का रुख किया, जहां भोजन की गुणवत्ता और रसोई की साफ-सफाई को परखा गया। इसके बाद अधिकारियों ने विभिन्न बैरकों का गहन निरीक्षण कर बंदियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। सघन जांच के दौरान कारागार की सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक और दुरुस्त पाई गईं। जिलाधिकारी ने जेल प्रशासन को सख्त लहजे में हिदायत दी कि मुख्य द्वार पर चेकिंग की व्यवस्था इतनी मुस्तैद रखी जाए कि जेल के अंदर कोई भी प्रतिबंधित सामग्री प्रवेश न कर सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि चेकिंग में कोई चूक पाई गई तो जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नए कैदियों की सेहत और शातिरों की निगरानी पर विशेष जोर
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने सुरक्षा के मद्देनजर जेल अधीक्षक को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि कारागार में आने वाले प्रत्येक नए बंदी का जेल चिकित्सकों द्वारा अनिवार्य रूप से सबसे पहले स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। इसके साथ ही जेल अधीक्षक नियमित रूप से खुद कारागार परिसर और बैरकों का औचक निरीक्षण करते रहें। जेल में निरुद्ध गंभीर प्रकृति के बंदियों और शातिर अपराधियों की गतिविधियों पर विशेष व सतर्क दृष्टि रखी जाए तथा बंदियों की किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अनुशासनहीनता के संबंध में समय-समय पर उच्चाधिकारियों को तत्काल अवगत कराया जाए।




