वसुंधरा की झुग्गियों में भीषण आग, एक घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू

साहिबाबाद। इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के वसुंधरा सेक्टर-9 स्थित झुग्गी बस्ती में सोमवार सुबह अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग तेजी से फैलते हुए पांच झुग्गियों तक पहुंच गई, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि कमिश्नरेट गाजियाबाद के फायर स्टेशन वैशाली को सुबह 05:31 बजे सूचना प्राप्त हुई कि वसुंधरा सेक्टर-9 क्षेत्र में झुग्गी-झोपडिय़ों में आग लग गई है। सूचना मिलते ही मुख्य अग्निशमन अधिकारी एवं प्रभारी अग्निशमन अधिकारी वैशाली के नेतृत्व में तत्काल तीन फायर टैंकरों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। दमकल टीम जब मौके पर पहुंची तो लगभग पांच झुग्गियों में आग पूरी तरह फैल चुकी थी। झुग्गियों में प्लास्टिक और पॉलिथीन सामग्री अधिक होने के कारण आग तेजी से भड़क रही थी और घना काला धुआं उठ रहा था। दमकल कर्मियों ने चारों ओर से हौज पाइप लाइन बिछाकर पंपिंग प्रणाली के माध्यम से आग बुझाने का अभियान शुरू किया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण प्राप्त कर लिया गया। दमकल विभाग की तत्पर कार्रवाई के कारण आग आसपास स्थित पक्के मकानों और अन्य झुग्गियों तक नहीं फैल सकी। यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा नुकसान हो सकता था। घटना के दौरान स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद रही और सुरक्षा व्यवस्था संभालती रही। अग्निशमन अधिकारी के अनुसार आग मेरठ निवासी शिलाजुद्दीन और महराज, मध्य प्रदेश निवासी मनीराम तथा हरदोई निवासी नरेश और राजेश की झुग्गियों में लगी थी। आग लगने के समय सभी लोग घटनास्थल पर मौजूद थे और सुरक्षित बाहर निकल आए। इस आगजनी की घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, हालांकि झुग्गियों में रखा घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार शॉर्ट सर्किट या खुली आग की वजह से घटना होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
दमकल विभाग ने लोगों से अपील की है कि झुग्गी बस्तियों एवं घनी आबादी वाले क्षेत्रों में ज्वलनशील सामग्री का सावधानीपूर्वक उपयोग करें और बिजली के तारों व गैस उपकरणों की नियमित जांच कराते रहें, ताकि इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके। प्रशासन ने भी क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को लेकर सतर्कता बढ़ाने की बात कही है।



