जनजागरूकता अभियान बन रहा सुरक्षा की मजबूत ढाल, 23 अग्निवीरों को मिला सम्मान

गाजियाबाद। भीषण गर्मी के चलते लगातार बढ़ते तापमान और विद्युत लोड के कारण आग लगने की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है। ऐसे संवेदनशील समय में गाजियाबाद का अग्निशमन विभाग पूरी मुस्तैदी, त्वरित कार्रवाई और समर्पण भाव के साथ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रहा है। विभाग की सक्रियता के कारण कई संभावित बड़े हादसे समय रहते टाले जा सके हैं।
अग्निशमन विभाग की टीमें दिन-रात अलर्ट मोड पर कार्य करते हुए आग लगने की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य संचालित कर रही हैं। विभाग केवल अग्निकांडों को नियंत्रित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरभर में निरंतर जनजागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों के माध्यम से लोगों को गर्मी के मौसम में बिजली के उपकरणों का सुरक्षित उपयोग, गैस सिलेंडर सावधानी, शॉर्ट सर्किट से बचाव तथा आपातकालीन स्थिति में अपनाए जाने वाले उपायों की जानकारी दी जा रही है। शहर में आग की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए सोमवार को जिलाधिकारी द्वारा अग्निशमन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल, अग्निशमन अधिकारी कोतवाली शेषनाथ यादव, अग्निशमन द्वितीय अधिकारी वैशाली मूलवंद सिंह सहित कुल 23 अग्निशमन कर्मियों को हाल के समय में विभिन्न अग्निकांडों को सफलतापूर्वक नियंत्रित करने में दिए गए उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। सम्मान समारोह में जिलाधिकारी ने कहा कि भीषण गर्मी के दौरान अग्निशमन विभाग की जिम्मेदारी कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में अपनी जान जोखिम में डालकर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत सराहनीय कार्य है। उन्होंने अग्निशमन कर्मियों की टीम भावना, अनुशासन और तत्परता को प्रशासन की सबसे मजबूत आपदा प्रबंधन शक्ति बताया।
इस अवसर पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने सकारात्मक संदेश देते हुए कहा कि विभाग का पहला लक्ष्य नागरिकों की सुरक्षा और जन-धन की हानि को न्यूनतम करना है। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। राहुल पाल ने कहा हमारी टीमें 24 घंटे तैयार रहती हैं। आग लगने की घटनाओं को कम करने के लिए जनजागरूकता सबसे प्रभावी उपाय है। यदि नागरिक बिजली की ओवरलोडिंग से बचें, खराब वायरिंग तुरंत ठीक कराएं और आग लगने पर घबराने के बजाय तुरंत फायर सर्विस को सूचना दें, तो अधिकांश हादसों को रोका जा सकता है। उन्होंने आगे बताया कि विभाग द्वारा बाजारों, आवासीय कॉलोनियों, औद्योगिक क्षेत्रों और शैक्षणिक संस्थानों में मॉक ड्रिल और सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे आम लोग भी आपदा के समय प्रारंभिक बचाव कार्य कर सकें। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार आगामी दिनों में तापमान और बढऩे की संभावना है, जिसके चलते विभाग ने अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए उपकरणों की जांच, पानी के संसाधनों की उपलब्धता तथा रिस्पॉन्स टाइम को और बेहतर बनाने की दिशा में विशेष तैयारी की है। शहरवासियों से अपील करते हुए अधिकारियों ने कहा कि खुले स्थानों पर ज्वलनशील पदार्थ न रखें, एसी और बिजली उपकरणों की नियमित जांच कराएं तथा किसी भी आग की घटना की सूचना तुरंत फायर स्टेशन को दें। भीषण गर्मी के दौर में अग्निशमन विभाग की तत्परता, प्रशासनिक सहयोग और जनभागीदारी मिलकर शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बना रहे हैं। सम्मानित हुए अग्निशमन कर्मियों का उत्साह भी इस बात का प्रमाण है कि सेवा, साहस और समर्पण की भावना से ही आपदा पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।


