जिले की बड़ी परियोजनाओं पर डीएम सख्त: भूमि अर्जन और निर्माण कार्यों में देरी पर तय होगी जवाबदेही

गाजियाबाद। जनपद में चल रही महत्वपूर्ण अवसंरचनात्मक परियोजनाओं को गति देने तथा भूमि अर्जन से संबंधित प्रक्रियाओं को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की विभिन्न गतिमान परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया और संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर जिलाधिकारी (भू-अर्जन) अवनीश सिंह, एआईजी स्टाम्प सहित विभिन्न विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान आरआरटीएस-1 एवं आरआरटीएस-2 कॉरिडोर, ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर रेलवे परियोजना, राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-709बी दिल्ली यूपी गेट से बागपत मार्ग, हापुड़-मुरादाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग-24 चौड़ीकरण, जीडीए की नार्दर्न पेरिफेरल रोड योजना, इंटीग्रेटेड टाउनशिप योजना तथा चार लेन रेल उपरिगामी सेतु निर्माण परियोजना सहित कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान स्पष्ट कहा कि जिले के विकास से जुड़ी परियोजनाएं केवल निर्माण कार्य नहीं बल्कि जनपद की आर्थिक और सामाजिक प्रगति की आधारशिला हैं। इसलिए सभी विभाग और कार्यदायी संस्थाएं आपसी समन्वय बनाए रखते हुए परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी परियोजना के क्रियान्वयन में जनपद स्तर पर कोई समस्या, भूमि विवाद या प्रशासनिक बाधा उत्पन्न होती है तो उसकी सूचना तत्काल लिखित रूप में उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में किसी परियोजना का कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण नहीं होता और संबंधित विभाग द्वारा पूर्व में समस्या से अवगत नहीं कराया जाता है, तो संबंधित अधिकारी या संस्था की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि विकास परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए नियमित समीक्षा, समन्वय बैठकें और फील्ड स्तर पर निगरानी सुनिश्चित की जाए। आवश्यकता पडऩे पर अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाएं, जिससे विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा या विलंब की स्थिति उत्पन्न न हो।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देते हुए निर्देश दिए कि जिन किसानों की भूमि परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की गई है या अधिग्रहण की प्रक्रिया में है, उन्हें प्रतिकर राशि का भुगतान निर्धारित समय के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और प्रशासन उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाए। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि पारदर्शी और व्यवस्थित भूमि अर्जन प्रक्रिया से ही परियोजनाओं को गति मिलेगी तथा विकास कार्य बिना विवाद के आगे बढ़ सकेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुरूप और पारदर्शिता के साथ पूरी की जाएं। समीक्षा बैठक को जिले में चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति तेज करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन की सख्ती और नियमित निगरानी से उम्मीद जताई जा रही है कि गाजियाबाद में अवसंरचनात्मक विकास कार्य तय समय सीमा के भीतर पूर्ण होंगे और जनपद को बेहतर यातायात, कनेक्टिविटी तथा आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।



