स्टर प्लान-2031 से बदलेगा गाजियाबाद का नक्शा- रैपिड रेल और मेट्रो कॉरिडोर के आसपास 4200 हेक्टेयर क्षेत्र बनेगा टीओडी जोन

गाजियाबाद। गाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीडीए) शहर और आसपास के क्षेत्रों के सुनियोजित विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। मास्टर प्लान-2031 लागू होने के बाद जीडीए क्षेत्रफल में 27.56 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बढ़े हुए क्षेत्र और भविष्य की शहरी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अब प्राधिकरण मौजूदा आठ जोन की जगह 15 जोन बनाकर विकास योजना तैयार करेगा। जीडीए द्वारा तैयार किया जाने वाला विस्तृत जोनल प्लान शहर के संतुलित और व्यवस्थित विस्तार का आधार बनेगा। योजना के अंतर्गत एनसीआरटीसी प्राधिकरण के अधीन आने वाले लगभग सात हजार हेक्टेयर क्षेत्र को भी शामिल किया जाएगा, जिससे परिवहन और शहरी विकास को एकीकृत रूप दिया जा सके। अधिकारियों के अनुसार जोनल प्लान तीन चरणों में तैयार किया जाएगा। पहले चरण में राजनगर एक्सटेंशन और मोदीनगर क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है। इन क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे के विकास, आवासीय योजनाओं और व्यावसायिक गतिविधियों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। प्रत्येक जोन में आवासीय, व्यावसायिक, संस्थागत तथा सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं शामिल होंगी, जिससे सड़क, सीवर, जलापूर्ति और हरित क्षेत्र का विकास योजनाबद्ध तरीके से संभव हो सकेगा। गाजियाबाद से मोदीनगर साउथ तक प्रस्तावित रैपिड रेल कॉरिडोर के 1500 मीटर और मेट्रो की रेड व ब्लू लाइन के 500 मीटर दायरे में आने वाले करीब 4200 हेक्टेयर क्षेत्र को ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) जोन घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में दो मंजिल के स्थान पर पांच मंजिल तक निर्माण की अनुमति मिलने से आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। योजना लागू होने के बाद गाजियाबाद, लोनी और मोदीनगर क्षेत्र में शहरी विकास की गति तेज होने की उम्मीद है। नए आवासीय प्रोजेक्ट, ग्रुप हाउसिंग, मॉल, दुकानें, होटल, अस्पताल और उद्योग स्थापित होने से निवेश बढ़ेगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। जीडीए के उपाध्यक्ष नन्द किशोर कलाल ने बताया कि प्राधिकरण क्षेत्र को आठ से बढ़ाकर 15 जोन में विभाजित करने से निगरानी और योजनाओं के क्रियान्वयन में आसानी होगी। साथ ही निवेशकों और आम नागरिकों को स्पष्ट विकास ढांचा मिलेगा। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान-2031 के तहत तैयार होने वाला यह जोनल प्लान गाजियाबाद के शहरी स्वरूप में व्यापक बदलाव लाएगा।



