जनपद में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से जिला प्रशासन सख्त-घायलों की मदद करने वालों को मिलेगा 25 हजार रुपये का प्रोत्साहन, जनजागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश

गाजियाबाद। जनपद में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी (नगर) विकास कश्यप की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान एडीएम सिटी विकास कश्यप ने जनपद में चिन्हित दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉटों पर चल रहे सड़क सुरक्षात्मक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित कर सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सकती है।
इसके साथ ही राहवीर योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आमजन को इस योजना के बारे में अधिक से अधिक जागरूक किया जाए, जिसके तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। प्रशासन का मानना है कि इस योजना से लोगों में मानवता के आधार पर मदद करने की भावना को बढ़ावा मिलेगा और समय पर इलाज मिलने से कई जानें बचाई जा सकेंगी। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सभी संबंधित विभाग अपने-अपने अधिकार क्षेत्र की सड़कों पर बने क्षतिग्रस्त डिवाइडर, रेलिंग एवं अन्य सुरक्षा संरचनाओं की शीघ्र मरम्मत कराएं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छोटी-छोटी लापरवाहियां भी बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं, इसलिए सड़क सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर परिवहन, यातायात पुलिस, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, एनसीआरटीसी, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, एनएचएआई, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और रोडवेज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा ट्रक यूनियन के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लेकर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनपद को सुरक्षित बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।



