प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कादराबाद बना दिया गया कूड़ा घर

वेलकम इंडिया : नितिन शर्मा धामपुर। भूतपूर्व सैनिकों का मिनी मुख्यालय कहलाने वाले ग्राम कादराबाद स्थित सरकारी अस्पताल की हालत इतनी शर्मनाक हो चुकी है कि वह अब इलाज का नहीं बल्कि गंदगी का प्रतीक बन चुका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग पिछले कई वर्षों से अस्पताल में डिलिवरी के दौरान नवजात शिशुओं की सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाले गंदे कपड़ों का डिलिवरी कक्ष के पास ढेर लगा हुआ है। जिन्हें आज तक वहां से उठाया नहीं गया। दुर्गंध एवं गंदगी फैली हुई है।अस्पताल परिसर में गंदगी का यह आलम है कि अस्पताल के कमरों में शराब की बोतलें और फ्रूटी के पैकेट पड़े हुए हैं, स्वास्थ्य केंद्र अराजकता का अड्डा बन चुका है। सबसे शर्मनाक दृश्य प्रभारी चिकित्सक के आवास का है। आवास में दवाओं और उपकरणों की जगह भूसा भरा हुआ है। क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश फैला हुआ है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि अस्पताल में 24 घंटे कोई डॉ मौजूद नहीं रहता। क्षेत्रवासियों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। जिससे गरीब वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। मौके पर पहुंचे शिवसेना जिला अध्यक्ष चौधरी संजय राणा, कुलदीप सिंह, महेंद्र सिंह, देशपाल, चंद्रपाल, मनवीर सिंह यादव, रजत कुमार, हरि कुमार, तिरपाल सिंह और काले मिस्त्री ने अस्पताल पहुँच कर अस्पताल की दुर्दशा देखकर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि योगी सरकार की नीयत साफ है, लेकिन सरकार के अफसर और कर्मचारी योजनाओं की जड़ें खोद रहे हैं। यहां का हाल देखकर लगता है जैसे अस्पताल नहीं, किसी उपेक्षित गोदाम में कदम रख दिया हो। एएनएम लता नेगी ने बताया कि वह हाल ही में तैनात हुई हैं, और कार्यभार ग्रहण करते ही उन्होंने सीएचसी कासमपुर गढी को अस्पताल की स्थिति से अवगत करा दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि इन्वर्टर, पंखा और मरीजों के बैठने की व्यवस्था उन्होंने अपनी स्वंय की निधि से करवाई है। शिव सैनिकों ने चेतावनी दी है कि अगर हालात में जल्दी सुधार नहीं हुआ, तो जिÞलेभर में आंदोलन छेड़ा जाएगा, और यह मुद्दा शासन तक पहुंचाया जाएगा। अब सवाल ये है जब सरकारी अस्पताल भूसे, गंदगी और शराब से भरे हों और डॉक्टर तक मौजूद न हो, तो गरीब जनता अपने इलाज के लिए जाए तो जाए कहां।

