ग़ाज़ियाबाद

यातायात व्यवस्था सुधारने को पुलिस लाइन्स में आयोजित हुई महत्वपूर्ण गोष्ठी

गाजियाबाद। शहर और देहात क्षेत्र में बढ़ती यातायात समस्याओं को नियंत्रित करने तथा विवाह समारोहों एवं बड़े आयोजनों के दौरान लगने वाले जाम से आमजन को राहत दिलाने के उद्देश्य से शुक्रवार को कमिश्नरेट गाजियाबाद पुलिस द्वारा बैंक्वेट हॉल और होटल संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई। यह बैठक पुलिस लाइन्स स्थित परमजीत हॉल में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था/यातायात) राज करन नैय्यर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। पुलिस आयुक्त गाजियाबाद द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रम में आयोजित इस गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य आयोजनों के दौरान यातायात प्रबंधन को व्यवस्थित करना और पुलिस तथा बैंक्वेट संचालकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा। बैठक में पुलिस उपायुक्त यातायात त्रिगुण बिसेन, अपर पुलिस उपायुक्त यातायात, सभी सहायक पुलिस आयुक्त यातायात, विभिन्न यातायात जोनों के निरीक्षक तथा लगभग 90 बैंक्वेट हॉल एवं होटल संचालक उपस्थित रहे। गोष्ठी को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने कहा कि शहर में विवाह समारोह, सामाजिक कार्यक्रम और बड़े आयोजन अक्सर यातायात अव्यवस्था का कारण बनते हैं। बिना योजना के वाहन पार्किंग, सड़क पर कार्यक्रम गतिविधियां और अत्यधिक भीड़ के कारण आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। इसे देखते हुए अब आयोजनों के लिए स्पष्ट नियम लागू किए जा रहे हैं। बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्देश यह दिया गया कि ऐसे सभी आयोजन जिनसे यातायात प्रभावित होने की संभावना हो, उनकी सूचना आयोजन से कम से कम दो दिन पूर्व अनिवार्य रूप से पुलिस प्रशासन को दी जाएगी। बैंक्वेट हॉल और होटल प्रबंधकों को निर्धारित प्रारूप में कार्यक्रम की जानकारी अपर पुलिस उपायुक्त यातायात की आधिकारिक ई-मेल आईडी तथा यातायात नियंत्रण कक्ष के मोबाइल नंबर पर भेजनी होगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि समय से सूचना मिलने पर ही यातायात डायवर्जन, पुलिस तैनाती और पार्किंग प्रबंधन की उचित योजना बनाई जा सकेगी। यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए प्रत्येक आयोजन में निजी स्तर पर प्रशिक्षित मार्शल या सहायक कर्मियों की नियुक्ति भी अनिवार्य कर दी गई है। ये कर्मी पार्किंग व्यवस्था संभालने, वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने और सड़क पर अव्यवस्था रोकने में पुलिस का सहयोग करेंगे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि केवल पुलिस बल के भरोसे बड़े आयोजनों को नियंत्रित करना संभव नहीं है, इसलिए आयोजकों की जिम्मेदारी भी तय की गई है।
गोष्ठी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरों की अनिवार्यता पर विशेष जोर दिया गया। सभी बैंक्वेट हॉल एवं होटल संचालकों को निर्देश दिए गए कि परिसर के भीतर और बाहर पर्याप्त संख्या में कैमरे लगाए जाएं। कैमरों की कार्यक्षमता, सही एंगल, स्पष्ट दृश्य और सही दिनांक-समय प्रदर्शन सुनिश्चित करना भी आवश्यक होगा। अधिकारियों ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज न केवल यातायात प्रबंधन बल्कि सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इसके अतिरिक्त स्पष्ट निर्देश दिए गए कि आयोजन स्थल की पार्किंग क्षमता के अनुसार ही कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। सड़क पर वाहनों की कतार लगने या सार्वजनिक मार्गों पर अवरोध उत्पन्न करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। विशेष रूप से विवाह समारोहों में सड़क पर घुड़चढ़ी या जुलूस निकालने पर रोक लगाने की बात कही गई, क्योंकि इससे यातायात पूरी तरह बाधित हो जाता है और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी आयोजन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है या निर्धारित नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित बैंक्वेट हॉल अथवा होटल प्रबंधन के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने सभी संचालकों से जनहित को सर्वोपरि रखते हुए सहयोग करने की अपील की। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि गाजियाबाद तेजी से विकसित हो रहा महानगर है और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बैंक्वेट हॉल संचालकों से भविष्य में भी पुलिस प्रशासन के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने और नियमों का कड़ाई से पालन करने का आह्वान किया। गोष्ठी के अंत में उपस्थित सभी प्रबंधकों ने यातायात नियमों के पालन और पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस समन्वित पहल से शहर में विवाह एवं अन्य आयोजनों के दौरान लगने वाले जाम में कमी आएगी और आम नागरिकों को बेहतर यातायात व्यवस्था का लाभ मिलेगा। यह बैठक गाजियाबाद में स्मार्ट और सुव्यवस्थित यातायात प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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