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अनियमितताओं के विरोध में फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने दिया मंत्री को ज्ञापन 

मथुरा। अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश सरकार में केबिनेट मंत्री आशीष पटेल (प्राविधिक शिक्षा विभाग, उपभोक्ता संरक्षण विभाग, और भार एवं माप विभाग) जी से मिलकर फार्मेसी टीचर्स को हो रही विभिन्न परेशानियों के लेकर ज्ञापन दिया। प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार ने कहा  प्राविधिक शिक्षा परिषद द्वारा पॉलिटेक्निक में कॉपियों के मूल्यांकन की राशि कई वर्षों से नहीं बढ़ाई गई है जबकि महंगाई प्रति वर्ष बढ़ रही। कापियों की मूल्यांकन राशि आज भी 15 रूपये है प्रयोगात्मक व लिखित परीक्षा की कॉपियों की मूल्यांकन राशि को बढ़ाकर 50 रूपये प्रति कॉपी किया जाए। परीक्षा शुल्क को बढ़ाकर पंद्रह सौ रुपए प्रति वर्ष किया जाए।

एक अध्यापक के कॉपी मूल्यांकन करने की लिमिट को बीस हजार से बढ़ाकर पिचहतर हजार किया जाए, फार्मेसी कॉलेज के स्पेक्शन में देखा जाता रहा है पॉलिटेक्निक के अन्य ट्रेड के अध्यापकों को भेजा जाता है जिन्हे फार्मेसी संवर्ग की कोई जानकारी नहीं रहती है,फार्मेसी काउंसिल आफ इंडिया द्वारा अनुभवी फार्मेसी स्पेक्टर से इंस्पेक्शन कराया जाता है उसी की तर्ज पर फार्मेसी कॉलेज में इंस्पेक्शन के लिए फार्मेसी से संबंधित अनुभवी अध्यापकों (एम फार्मा और लगभग दस वर्ष से अधिक का अनुभव )को भेजकर ही कराया जाए और उसकी नियमावली बनाई जाये।

 लिखित और प्रयोगात्मक परीक्षा परिश्रमिकी बिल भुगतान परीक्षक की लॉगिन पर उपलब्ध कराया जाये।

आगे इसी कड़ी में डा .राजाराम गंगवार राष्ट्रीय सचिव ने बताया उत्तर प्रदेश में हजारों परीक्षकों की आईडी गलत तरीके से बनी है जो की मार्केटिंग या मेडिकल पर कार्यरत हैं या जिन्हे एक साल का भी शैक्षणिक अनुभव नहीं हैं कुछ की मृत्यु हो चुकी कुछ सरकारी नौकरी में है जबकी पीसीआई द्वारा निर्देश है कि बीफार्मा किए हुए तीन वर्ष के अनुभव के बाद ही अध्यापन का कार्य कर सकता है और उसके बाद ही मूल्यांकन कर सकता है। परीक्षक आईडी की जांच कराकर संस्था से वेरिफिकेशन कराया जाए जिससे पारदर्शिता बने ।

मंत्री जी आश्वासन दिया है जल्द ही इस पर कार्यवाई की जायेगी

इस अवसर पर डा.राजाराम गंगवार राष्ट्रीय सचिव, शिव कुमार प्रदेश अध्यक्ष उ.प्र. अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन, विष्णु यादव प्रदेश महासचिव, दुर्वेश आर्य प्रदेश सचिव, नदीम खान, हर्षित अग्रवाल, आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे ।

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