नए आरक्षियों को बीट प्रणाली का पाठ, पुलिस आयुक्त ने 582 नवनियुक्त आरक्षियों को दी जिम्मेदारियों की जानकारी

गाजियाबाद। पुलिस कमिश्नरेट में नियुक्त हुए नए आरक्षियों को बेहतर पुलिसिंग और जनता से समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से मंगलवार को बीट प्रणाली व्यवस्था और शिष्टाचार संवाद नीति की विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस आयुक्त जे. रविन्दर गौड़ ने 26 अप्रैल को नियुक्त हुए 582 आरक्षियों को संबोधित करते हुए उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों से अवगत कराया।
जनपद के सभी थाना प्रभारियों ने अपने-अपने थानों पर नवनियुक्त आरक्षियों के साथ बैठक कर उन्हें बीट प्रणाली के महत्व और कार्यप्रणाली के बारे में समझाया। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावी बीट व्यवस्था के माध्यम से अपराध नियंत्रण, क्षेत्रीय निगरानी और जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित किया जा सकता है। पुलिस आयुक्त ने बताया कि नवनियुक्त आरक्षी फिलहाल प्रत्येक बीट में बीट पुलिस ऑफिसर (बीपीओ) के सहायक के रूप में कार्य करेंगे। बीट उपनिरीक्षक और बीट पुलिस ऑफिसर की जिम्मेदारी क्षेत्र में निवासरत हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी करना, बीट सूचना का नियमित संकलन करना, सक्रिय अपराधियों पर नजर रखना तथा अपराध एवं राष्ट्र विरोधी गतिविधियों से संबंधित सूचनाओं पर सतर्क रहना है। इसके साथ ही आरक्षियों को सिटीजन चार्टर, यक्ष ऐप सहित पुलिस की आधुनिक कार्यप्रणाली और डिजिटल व्यवस्था की भी जानकारी दी गई, ताकि वे अपने दायित्वों का प्रभावी निर्वहन कर सकें। पुलिस आयुक्त जे. रविन्दर गौड़ ने कहा कि बीट प्रणाली और शिष्टाचार संवाद नीति का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना है। नए आरक्षियों को व्यवहार कुशलता, संवेदनशीलता और जनसंपर्क पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।



