भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से बेहाल, जनजीवन अस्त-व्यस्त

-मानसून की पहली बारिश का इंतजार
जहांगीराबाद। क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से सूर्यदेव के कड़े तेवर और आसमान से बरसती आग ने आम जनजीवन को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है। तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी और दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवा (लू) के कारण नगर के बाजार और सड़कें सूनी नजर आने लगी हैं। सुबह 10 बजते ही धूप की तपिश इतनी बढ़ जाती है कि लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। दोपहर के समय नगर के मुख्य मार्गों और मुख्य बाजार में सन्नाटा पसर जाता है। लोग चेहरे को सूती कपड़ों और चश्मों से ढंककर ही बाहर निकल रहे हैं। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग गन्ने का रस, बेल का शरबत और नींबू-पानी का सहारा ले रहे हैं। नगर के विभिन्न चौराहों पर लगे ठंडे पानी के प्याऊ और जूस की दुकानों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। भीषण गर्मी का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और निजी क्लीनिकों में उल्टी, दस्त, डिहाइड्रेशन और बुखार के मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा हुआ है। गर्मी का कहर केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि बेजुबान पशु-पक्षियों पर भी टूट रहा है। तालाबों और पोखरों के सूखने के कारण पशु प्यास से व्याकुल हैं। पर्यावरण प्रेमियों ने नगरवासियों से अपील की है कि वे अपनी छतों और छज्जों पर पक्षियों के लिए पानी के बर्तन जरूर रखें। नगरवासियों को अब बेसब्री से मॉनसून की पहली बारिश का इंतजार है, ताकि इस तपती गर्मी से कुछ राहत मिल सके।
चिकित्सकों की सलाह:
दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। यदि निकलना जरूरी हो, तो पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर ही निकलें और सूती कपड़ों का प्रयोग करें।


