देर रात कमरे में लगी आग ने ली बुजुर्ग महिला की जान

गाजियाबाद। लोनी के बॉर्डर थाना क्षेत्र स्थित गुलाब वाटिका कॉलोनी में बृहस्पतिवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में मकान की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में अचानक आग लगने से चारपाई पर सो रही बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य पास के कमरे में सो रहे थे। धुआं उठता देख परिजनों को आग लगने का पता चला, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार 75 वर्षीय पुष्पा अपने परिवार के साथ किराये के मकान में रहती थीं। मूल रूप से वह बागपत जिले के खट्टा डोला गांव की निवासी थीं। परिवार में बेटे-बेटी, बहुएं और पोते-पोतियां शामिल हैं। उनके बड़े बेटे सोनू किसी कार्य से बेंगलुरु गए हुए थे, जबकि पुत्रवधू बच्चों के साथ पास के कमरे में सो रही थी। रात करीब दो बजे अचानक कमरे से धुआं उठता देख पुत्रवधू की नींद खुली। बाहर निकलकर देखने पर सास के कमरे में आग लगी दिखाई दी। उन्होंने तुरंत शोर मचाकर आसपास के लोगों को मदद के लिए बुलाया। देखते ही देखते कॉलोनी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों और परिजनों ने तत्काल सबमर्सिबल पंप चलाकर पाइप के जरिए आग बुझाने का प्रयास किया और कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया। हालांकि जब कमरे का गेट तोड़कर अंदर पहुंचे तो चारपाई पर सो रहीं पुष्पा गंभीर रूप से झुलसी हुई मिलीं। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि महिला करीब 95 प्रतिशत तक झुलस चुकी थीं। हादसे के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है और कॉलोनी के लोग भी घटना से स्तब्ध हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ज्ञान प्रकाश राय, एसीपी अंकुर विहार, ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में झुलसने से मौत की पुष्टि हुई है। आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक पूछताछ में परिजनों ने बताया कि बुजुर्ग महिला बीड़ी पीने की आदी थीं, जिसे भी जांच का एक संभावित पहलू माना जा रहा है। पुलिस सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। देर रात हुई इस घटना ने एक बार फिर घरों में अग्नि सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। छोटी सी लापरवाही किस तरह बड़ी त्रासदी में बदल सकती है, यह हादसा उसका दर्दनाक उदाहरण बन गया।



