खड़िया घोड़ा, खच्चर एशोसिएशन ने अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में किया प्रदर्शन

वेलकम इंडिया
बागेश्वर। सफेद खड़िया खानों का हब समझे जाने वाले बागेश्वर जिले में खड़िया खानों में ट्रेक्टर ट्रॉली और गरारी के माध्यम से खड़िया ढुलान होने से नाराज खड़िया खानों में खड़िया ढुलान के लगे घोड़ा खच्चरों को सामान ढोने के लिए कार्य नही मिलने से नाराज खच्चर मालिकों और मजदूरों ने पहले नुमाईशखेत मैदान में बैठक की। जिले में उच्च न्यायालय के द्वारा खड़िया खानों में खनन नियमों की अनदेखी के बाद सख्त रुख अपनाते हुए खनन कार्यो पर रोक लगा दी थी, वही अब खनन कार्य पुन: शुरू होने की उम्मीद पर खड़िया खानों में घोड़ा खच्चरों को ढुलान कार्य मे रोजगार नही मिलने से नाराज सभी घोड़ा खच्चर संचालक जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने जिले में खड़िया, घोडा खच्चर व्यवसाय बन्द हो जाने से खड़िया खनन पट्टाधारकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार में प्राथमिकता देने,जिले में स्वीकृत सभी खड़िया माईन में खड़िया खदानों से मुख्य मार्ग तक खडिया लाने हेतु घोड़ा खच्चर वालों का रोजगार दिलाने,सहित अन्य मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन किया।और सरकार और जिला प्रशासन से उनकी आर्थिकी सुधारने हेतु आवश्यक सहयोग देने की मांग की। घोड़ा खच्चर एसोसिएशन ने जिले में खड़िया खनन क्षेत्र में ट्रेक्टर व ट्राली बन्द किए जाने, खनन क्षेत्र में घोडे व खच्चर वालो को रोजगार दिलाने, खड़िया क्षेत्र मेंबाहरी मजदूरों के बजाय स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार में प्राथमिकता देने, खड़िया खनन क्षेत्र में घोडा खच्चर वालों को अपनी बैक ऋण जमा करने में असुविधा न हो इसके लिए रोजगार की व्यवस्था की मांग,वर्तमान में ट्रेक्टर ट्राली चलने से हमारा रोजगार नही मिल पाने, कृषि कार्य मे प्रयुक्त ट्रेक्टर ट्रालियों द्वारा अवैध तरीके से व्यवसायिक कार्य होने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने,की मांग की। डीएम आशीष भटगाई को अपनी समस्याओं की जानकारी दी।वही जिलाधिकार ने घोड़ा खच्चर संचालको को जिले में न्यायालय के आदेश मिलने के बाद पुन: माइनों के संचालन होने पर अवैध तरीके से संचालित होने वाले ट्रेक्टर ट्रालियों और गरारियो पर रोक लगाने और सभी स्थानीय लोगों को रोजगार दिलाने का भरोसा दिया। इस दौरान प्रदर्शन करने वालों में संगठन के दीवान सिंह, चन्दन सिंह,पवन सिंह, शोभन सिंह, राजेन्द्र सिंह, नरेंद्र कुमार, विनोद सिंह,सुरेश सिंह, नन्दन प्रसाद, जीवन चन्द्र,योगेश,चंचल प्रसाद, दीपक सिंह, भवानी राम, त्रिलोक चन्द्र, सहित दर्जनों घोड़ा खच्चर मालिक और मजदूर मौजूद थे।