यूजीसी के खिलाफ सवर्ण महासभा का आर-पार का ऐलान- बच्चों के भविष्य और शिक्षा अधिकार को लेकर आंदोलन तेज

गाजियाबाद। सवर्ण महासभा ने यूजीसी कानून के विरोध में गुरुवार को आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए शहरों और गांवों के प्रत्येक मोहल्ले में इसके विरोध स्वरूप शवयात्रा निकालने का निर्णय लिया है। महासभा ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने कानून वापस नहीं लिया तो सवर्ण समाज नगर निकाय से लेकर विधानसभा और लोकसभा चुनाव तक अपने प्रतिनिधि मैदान में उतारेगा। यह निर्णय महासभा की आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। महासभा के प्रवक्ता ब्रह्मऋषि विभूति बी.के. शर्मा ‘हनुमानÓ ने कहा कि सरकार की नजर में सवर्ण समाज का कोई महत्व नहीं रह गया है, इसलिए अब तक यूजीसी कानून वापस नहीं लिया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाज अब शांत बैठने वाला नहीं है और जब तक इस ‘काले कानूनÓ को वापस नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज ने हमेशा सर्वहित और सर्वसमाज कल्याण की भावना के साथ कार्य किया है। समाज ने अपने स्वार्थ का त्याग कर सभी वर्गों के उत्थान के लिए कार्य किया, शिक्षा संस्थान स्थापित किए, अस्पताल खोले, धर्मशालाएं बनवाईं और जरूरतमंदों की सहायता के लिए निरंतर सेवा कार्य किए। समाज द्वारा जरूरतमंद कन्याओं के विवाह, बच्चों को कॉपी-किताबें, जूते, बैग व गर्म कपड़े उपलब्ध कराने और निशुल्क शिविर आयोजित करने जैसे कार्य उसकी सेवा भावना के उदाहरण हैं।
बी.के. शर्मा ने आरोप लगाया कि समाज विरोधी तत्व सवर्ण समाज की प्रगति से असहज हैं और उसे दबाने के लिए विभिन्न कानून थोपे गए। उन्होंने कहा कि यूजीसी कानून का उपयोग सवर्ण समाज के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस कानून के दुरुपयोग की संभावना पर संशोधन की आवश्यकता जताई थी, इसके बावजूद सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। महासभा के संयोजक वी.के. अग्रवाल ने कहा कि अब बात बच्चों के भविष्य की है। समाज वर्षों से अत्याचार सहता आया है, लेकिन अपने बच्चों के अधिकारों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज अपने बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित नहीं होने देगा और इसी कारण आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया गया है।संयोजक सेवाराम त्यागी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कानून वापस नहीं लिया तो सवर्ण समाज नगर पालिका, नगर निगम, नगर पंचायत से लेकर विधानसभा और लोकसभा चुनाव तक अपने उम्मीदवार उतारेगा और सत्ता परिवर्तन के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेगा। बैठक में विनय कक्कड़, प्रेमचंद त्यागी, सुनील निगम, स्वरूप चंद शर्मा, नरेंद्र कुमार नदी, डॉ. सतीश भारद्वाज (एडवोकेट), सतीश चोपड़ा, संजय चौहान, देवेंद्र हितकारी, रमेश मंगल, विनोद त्यागी सहित अनेक पदाधिकारी और समाजसेवी उपस्थित रहे।



