आध्यात्म

महाकुंभ में अमित शाह ने ऐसे लगाई डुबकी,अक्षयवट के दर्शन किए

नई दिल्ली। गृह मंत्री ने जूनापीठाधीश्वर महामंडलेश्वर आचार्य अवधेशानंद गिरि जी महाराज और कुछ अन्य संतों के साथ फ्लोटिंग जेटी पर एक कुटिया पर बातचीत भी की। उनके कार्यक्रम में गुरु शरणानंद जी के आश्रम का दौरा भी शामिल ह, जहां वह गुरु शरणानंद जी और गोविंद गिरी जी महाराज से मुलाकात करेंगे और श्रृंगेरी, पुरी और द्वारका के शंकराचार्यों के साथ बठक के साथ अपनी यात्रा का समापन करेंगे। विज्ञप्ति में कहा गया हकि गृह मंत्री शाम को प्रयागराज से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को प्रयागराज में गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के संगम त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई। शाह के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कई साधु-संत भी थे। उन्होंने मंत्रोच्चार के बीच अलग से डुबकी भी लगाई। महाकुंभ मेले के बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक में भाग लेने के लिए उत्तर प्रदेश के प्रयागराज पहुंचे। हवाई अड्डे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ राज्य के कबिनेट मंत्रियों ने उनका स्वागत किया। महाकुंभ मीडिया सेंटर की विज्ञप्ति के अनुसार, शाह बड़े हनुमान जी मंदिर और अभयवट भी जाएंगे। गृह मंत्री ने जूनापीठाधीश्वर महामंडलेश्वर आचार्य अवधेशानंद गिरि जी महाराज और कुछ अन्य संतों के साथ फ्लोटिंग जेटी पर एक कुटिया पर बातचीत भी की। उनके कार्यक्रम में गुरु शरणानंद जी के आश्रम का दौरा भी शामिल ह, जहां वह गुरु शरणानंद जी और गोविंद गिरी जी महाराज से मुलाकात करेंगे और श्रृंगेरी, पुरी और द्वारका के शंकराचार्यों के साथ बठक के साथ अपनी यात्रा का समापन करेंगे। विज्ञप्ति में कहा गया हकि गृह मंत्री शाम को प्रयागराज से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। महाकुंभ मीडिया सेंटर ने घोषणा की कि 25 जनवरी से 3 फरवरी तक महाकुंभ क्षेत्र में वाहन पास अमान्य होंगे, साथ ही चरम मेला अवधि के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए इस क्षेत्र को नो व्हीकल जोन के रूप में नामित किया गया ह। विज्ञप्ति में कहा गया ह कि वाहन मालिकों को सलाह दी जाती ह कि वे अपने वाहनों को पास के पार्किंग स्थल में पार्क करें और मीडिया सेंटर तक पहुंचने के लिए जीपीएस निदेर्शों का पालन करें। महाकुंभ दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक सभाओं में से एक ह, जो हर 12 साल में भारत के चार स्थानों में से एक पर आयोजित की जाती ह। उत्तर प्रदेश पुलिस ने कार्यक्रम की सुरक्षा के लिए स्थानीय पुलिस और अर्धसनिक बलों सहित 10,000 से अधिक कर्मियों को तनात किया।

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