ज्वैलरी की दुकान में चोरी करने वाला पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार

वेलकम इंडिया
गाजियाबाद।इन्दिरापुरम पुलिस टीम देर रात में वंसुधरा में ज्वैलरी की दुकान का शटर तोड़कर दुकान से 4 किलो चांदी व 3 ग्राम सोने की चोरी की घटना कारित करने वाला शातिर अभियुक्त पुलिस मुठभेड के दौरान गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से एक अवैध तमंचा, कारतूसों के अलावा चोरी किये गये सफेद धातू के गले हुये 02 टुकडे और चोरी की घटनाओं में प्रयुक्त फर्जी नम्बर प्लेट लगी हुई एक कार बरामद हुई है। लूटपाट / चोरी की घटनाओं की रोकथाम के लिए थाना इन्दिरापुरम पुलिस द्वारा प्रतिदिन थाना क्षेत्र मे सघन चेकिंग की जा रही है। चेकिंग के दौरान बुधवार को देर रात वसुन्धरा सैक्टर- 1 हिण्डन बैराज पुलिया के पास एक स्लेटी रंग की कार आती दिखी। जिसके चालक ने पुलिस को चेकिंग देखकर तेजी से कार को रोककर पीछे की तरफ मोडकर कार से भागने का प्रयास किया तो हडबडाहट में कार डिबाइडर से टकरा गयी। कार चालक कार से उतरकर भागने लगा। जिसे पकडने का प्रयास किया गया तो भाग रहे व्यक्ति द्वारा अचानक मुड कर पुलिस टीम पर जान से मारने की नियत से निशाना लगाते हुये अपने हाथ में लिये हथियार से फायर कर दिया गया । आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्यवाही की गयी जवाबी फायर किया गया । जिससे गोली चलाने वाले अभियुक्त के पैर में गोली लगी । जिससे अभियुक्त घायल होकर नीचे गिर गया, जिसके उपरान्त घायल अभियुक्त को मौके पर ही हिरासत मे लिया गया । अभियुक्त की कार की तलाशी ली गई तो कार के डैसबोर्ड से सफेद धातू के 2 गले हुये टुकडे बरामद किए। पूछताछ में आरोपी ने बताया 21/22 मार्च को वसुन्धरा स्थित अम्बे ज्वैलर्स के यहां पर की गयी चोरी सहित अन्य चोरी की घटनाओं को उसने ही अंजाम दिया है। मैने और मेरे साथी राजवीर सिंह चौहान पुत्र विष्णु सिंह चौहान निवासी आफिसर्स कालोनी रेलवे रोड उझानी थाना उझानी जनपद बदायूं तथा दो अन्य साथी जिनका नाम पता मुझे नही मालूम उन दोनो को राजवीर लेकर आया था ने मिलकर मेवाड कालेज वसुंधरा के पास एक ज्वैलर्स की दुकान का शटर तोडकर कुछ चांदी जेवरात तथा सोना चोरी किया था। चांदी को मेरे साथी राजवीर द्वारा गला लिया गया था। जिसमे चांदी के दोनो टुकडे जो कार के डैश बोर्ड से बरामद किया है वो टुकड़े मेरे हिस्से मे आये थे । मै आज फिर से रात में दूसरी दुकानो में चोरी हेतु रेकी करने आया था। अंकित उपरोक्त से उसकी फर्जी नम्बर प्लेट लगी कार के विषय में पूछा तो बताया कि यह कार मेरे साथी राजवीर की है। रात में मैं व राजवीर व राजवीर के साथी इसी कार में बैठकर फर्जी नम्बर प्लेट लगाकर चोरी की घटना को अंजाम देते थे।