पीएम मोदी की श्रीलंका यात्रा के दौरान ऐतिहासिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर

नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच एक अहम रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर होने जा रहा है। हिंद महासागर में अपनी सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने में जुटे भारत सरकार इसको लेकर काफी उत्साहित है। समझौता पीएम नरेन्द्र मोदी की आगामी कोलंबो यात्रा के दौरान होगी। थाईलैंड में बिम्सटेक सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद पीएम मोदी चार से छह अप्रैल, 2025 को श्रीलंका में होंगे। पीएम मोदी की इस यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा, “रक्षा सहयोग पर समझौता संभावित है। यह दोनों देशों के बीच इस तरह का पहला समझौता होगा।” पीएम मोदी श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका के आमंत्रण पर वहां जा रहे हैं। पिछले वर्ष ही दिसानायका वहां के राष्ट्रपति बने हैं। नई सरकार के कार्यकाल में पीएम मोदी श्रीलंका की यात्रा करने वाले पहले विदेशी मेहमान होंगे। यह चार महीनों के भीतर दोनों नेताओं के बीच दूसरी उच्चस्तरीय बैठक होगी जो बता रहा है कि भारत अपने इस पड़ोसी देश के साथ संबंधों को लेकर कितना गंभीर है। वर्ष 2022 में श्रीलंका जब बेहद खराब आर्थिक समस्या में फंस गया था तब भारत ने उसे उबारने में काफी मदद की थी। मिसरी ने बताया कि, “भारत श्रीलंका में एक इनर्जी हब बनाना चाहता है। इसमें कई तरह के ऊर्जा स्त्रोतों को शामिल किया जा सकता है। इस बारे में कई स्तर पर बातचीत हो रही है।” पीएम मोदी और राष्ट्रपति दिसानयका अनुराधापुरा भी जाएंगे, जहां भारत के आर्थिक मदद से तैयार कुछ कनेक्टिविटी परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा। पीएम मोदी वहां दूसरे राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे।