ग़ाज़ियाबाद

गेमिंग ऐप को हैक कर 1.01 करोड़ की साइबरठगी, पुलिस ने तीन शातिरों को किया गिरफ्तार

वेलकम इंडिया

गाजियाबाद। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने रियल 11 गेमिंग ऐप के पेमेंट गेटवे को हैक कर 1.01 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले तीन शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चेकबुक, पासबुक, एटीएम और मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जबकि 25 लाख रुपये फ्रीज कराए गए हैं। एडीसीपी क्राइम सच्चिदानंद ने बताया गाजियाबाद निवासी अमित यादव के साथ उनकी कंपनी के रियल गेमिंग मोबाइल ऐप में धोखाधड़ी की गई थी। साइबर क्लब के सदस्यों ने ऐप पर अपनी यूजर आईडी/वॉलेट बनाकर कुछ पैसे जमा किए और फिर गेमिंग ऐप के पेमेंट गेटवे को हैक कर अपनी जमा राशि से अधिक धनराशि वॉलेट में दिखाकर रिफंड के रूप में निकाल ली। इस तरह 17 से 18 नवंबर 2024 के बीच, आरोपियों ने 1 करोड़ 1 लाख 14 हजार 95 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर लिए। इस घटना की एफआईआर 27 नवंबर 2024 को थाना साइबर क्राइम में दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान साइबर अपराध को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की पहचान देशराज पुत्र पाटनदीन, अभिषेक कुमार पुत्र मायाराम और आकाश पुत्र देशराज के रूप में हुई, जो सभी बाराबंकी, उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। पुलिस ने इन्हें सिटी जोन के विजय नगर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में मुख्य आरोपी देशराज ने बताया कि उसका बेटा रजनीश तमिलनाडु में रहकर इस साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था, जबकि दूसरा बेटा आनंद, जो झारखंड में रहता है, अपने साथियों के साथ मिलकर गेमिंग ऐप के पेमेंट गेटवे और सॉफ्टवेयर को हैक कर लेनदेन में हेरफेर करता था। आरोपियों ने अपने गांव के लोगों के नाम से बैंक खाते खुलवाए और गेमिंग ऐप में यूजर आईडी बनाकर पहले थोड़ी रकम जमा की। इसके बाद, पेमेंट गेटवे को एपीआई के माध्यम से हैक कर, माइक्रोसेकंड्स में मल्टीपल टाइम्स कॉन्टेस्ट कैंसल कर वॉलेट में धनराशि बढ़ाकर उसे विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिया। इस तरह, 20 अलग-अलग बैंक खातों में 1.01 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। इस घटना से जुड़े अहम सबूतों में से एक सीसीटीवी फुटेज है, जिसमें देशराज के बेटे आनंद को बैंक एटीएम से पैसे निकालते हुए देखा गया। जांच में पता चला कि आनंद वर्तमान में पलामू, झारखंड की एक साइबर ठगी से जुड़ी एफआईआर में जेल में बंद है। वहीं, मुख्य साजिशकर्ता रजनीश की तलाश जारी है। पुलिस ने मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किए जाने की संभावना है। इस साइबर अपराध ने ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे साइबर अपराधियों की उन्नत तकनीकों का खुलासा हुआ है।

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